विधायक बोले—केंद्र सरकार विधेयक वापस ले, वरना आंदोलन होगा और तेज; बीडीओ के माध्यम से सौंपा जाएगा ज्ञापन
पाकुड़िया। एमएमडीआर विधेयक के खिलाफ झामुमो ने आंदोलन को और धार देने की तैयारी शुरू कर दी है। महेशपुर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी ने कहा कि 7 सितंबर को जिले के सभी प्रखंड मुख्यालयों में झामुमो कार्यकर्ता धरना देंगे। इस दौरान बीडीओ के माध्यम से केंद्र सरकार को विधेयक वापस लेने की मांग से संबंधित ज्ञापन सौंपा जाएगा। विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी ने कहा कि पार्टी की ओर से 31 अगस्त तक गांव-गांव लोगों को एमएमडीआर विधेयक के प्रावधानों और उसके संभावित प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक झारखंड के हितों के खिलाफ है और इसके कारण राज्य को मिलने वाली सेस की राशि प्रभावित हुई तो इसका सीधा असर राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मंईयां सम्मान योजना, सावित्रीबाई फुले योजना, 200 यूनिट मुफ्त बिजली समेत कई जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में झारखंड के हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार को विधेयक पर पुनर्विचार कर इसे वापस लेना चाहिए। प्रो. मरांडी ने स्पष्ट किया कि 7 सितंबर के धरने के बाद आंदोलन की अगली रणनीति झामुमो की केंद्रीय कमेटी तय करेगी। केंद्रीय नेतृत्व की ओर से जो भी कार्यक्रम और रणनीति तय की जाएगी, पार्टी के कार्यकर्ता पूरी मजबूती के साथ उसका पालन करेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं और आम लोगों से आंदोलन को मजबूती देने तथा झारखंड के अधिकारों और हितों के मुद्दे पर एकजुट होने का आह्वान किया।





