पाकुड़। सुबह के करीब 5:45 बजे। पाकुड़ बस स्टैंड से यात्रियों को लेकर अभिषेक बस दुमका के लिए निकली थी। यात्रियों को शायद अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही देर बाद सहरकोल के पास उन्हें हादसे का सामना करना पड़ेगा। पाकुड़-हिरणपुर मुख्य सड़क पर सहरकोल ब्रिज के समीप बोरिंग वाले ऑफिस के पास विपरीत दिशा से आ रहे 16 चक्का हाइवा और बस की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस चालक का दाहिना पैर टूट गया और चालक की सीट वाला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बस में सवार तीन यात्रियों को भी चोटें आईं। हालांकि, हादसे में किसी की मौत की सूचना नहीं है। जानकारी के अनुसार, अभिषेक बस संख्या JH 04A C 2495 मंगलवार सुबह करीब 5:45 बजे पाकुड़ बस स्टैंड से दुमका के लिए रवाना हुई थी। इसी दौरान सहरकोल के पास सामने से आ रहे 16 चक्का हाइवा संख्या WB 59H 8406 से उसकी टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को संभाला और घटना की सूचना पुलिस को दी।
चालक की सीट वाला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त
आमने-सामने की टक्कर में बस के आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बस चालक के दाहिने पैर में गंभीर चोट आने के बाद उसका प्राथमिक उपचार कराया गया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए उसे पाकुड़ से बाहर रेफर कर दिया गया। वहीं, तीन यात्रियों को भी चोटें आईं। उन्हें पाकुड़ सदर अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उपचार किया। एक यात्री के सीने में चोट बताई गई, जबकि अन्य को अपेक्षाकृत हल्की चोटें आईं। उपचार के बाद यात्रियों को आवश्यक दवाएं दी गईं। चिकित्सकों के अनुसार किसी घायल यात्री की स्थिति फिलहाल जानलेवा नहीं है।
सड़क के गड्ढों ने बढ़ाई परेशानी, रफ्तार भी जांच के घेरे में
स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे वाले स्थान पर सड़क की स्थिति खराब है और जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। ऐसे में वाहनों को आवाजाही में परेशानी होती है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के समय दोनों वाहनों की रफ्तार भी अधिक होने की बात सामने आ रही है। हालांकि, दुर्घटना का वास्तविक कारण क्या था, यह पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। सड़क की खराब स्थिति को हादसे की संभावित वजहों में एक माना जा रहा है।
पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लिया
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को अपने कब्जे में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों के साथ-साथ वाहनों की स्थिति और चालक की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
सवाल: जर्जर सड़क पर कब तक चलेगा सफर?
सहरकोल की घटना ने एक बार फिर पाकुड़-हिरणपुर मुख्य सड़क की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क की मरम्मत और दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। गनीमत रही कि बस में कई यात्री सवार होने के बावजूद हादसा जानलेवा नहीं बना। लेकिन बस के अगले हिस्से और चालक की सीट की हालत देखकर टक्कर की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।








