नगर अध्यक्ष बनने के सफर से लेकर बीमारी की घड़ी तक जनता का साथ कायम, कोलकाता में चल रहा इलाज; समर्थकों को भरोसा—जल्द स्वस्थ होकर लौटेंगी शबरी।
पाकुड़। चुनाव के मैदान में जब मुकाबला कई मजबूत और चर्चित चेहरों से था, तब पाकुड़ की जनता ने शबरी पाल पर भरोसा जताया। आज वही जनता उनकी बीमारी की खबर सुनकर उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रही है। वक्त बदला, परिस्थितियां बदलीं, लेकिन शबरी पाल और पाकुड़ की जनता के बीच बना अपनापन आज भी कायम है। फिलहाल नगर अध्यक्ष शबरी पाल की तबीयत खराब चल रही है और उनका इलाज कोलकाता में चल रहा है। उनके अस्वस्थ होने की खबर के बाद शहर में उनके समर्थकों और शुभचिंतकों के बीच चिंता का माहौल है। अलग-अलग वर्गों के लोग उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। खास बात यह है कि यह वही जनता है, जिसने नगर निकाय चुनाव के दौरान तमाम राजनीतिक समीकरणों के बीच शबरी पाल को अपना समर्थन देकर नगर अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचाया था।
जब चुनाव में दिग्गज थे सामने, तब जनता ने शबरी पर जताया भरोसा
नगर निकाय चुनाव शबरी पाल के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। मैदान में कई मजबूत राजनीतिक और सामाजिक पहचान रखने वाले चेहरे मौजूद थे। भाजपा के उम्मीदवार समेत कई चर्चित नाम चुनावी मैदान में थे। ऐसे माहौल में शबरी पाल ने अपनी मेहनत, जनसंपर्क और लोगों के बीच बनाई पहचान के दम पर चुनाव लड़ा। नतीजा आया तो तमाम चुनावी गणित पीछे छूट गए और जनता के वोट ने शबरी पाल के पक्ष में फैसला सुना दिया। उनके समर्थक इसे उनकी व्यक्तिगत मेहनत और जनता के भरोसे की जीत बताते हैं। कभी भाजपा की कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में पहचान रखने वाली शबरी पाल ने चुनावी परिस्थितियों में अपनी अलग राजनीतिक राह बनाई और जनता के बीच अपनी जगह मजबूत की। चुनाव में मिली जीत ने यह साफ कर दिया कि स्थानीय राजनीति में उनका अपना जनाधार तैयार हो चुका है।
अब बीमारी की घड़ी में फिर दिख रहा वही जनसमर्थन
आज परिस्थितियां बिल्कुल अलग हैं। चुनाव का शोर नहीं है, राजनीतिक मंच नहीं है और न ही वोट मांगने का दौर। शबरी पाल कोलकाता में इलाज करा रही हैं। लेकिन इस बार भी चर्चा में वही जनता है, जिसने चुनाव में उनका साथ दिया था। शहर के लोगों के बीच उनकी सेहत को लेकर लगातार चर्चा है। समर्थक उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय जनता ने उन्हें अपना आशीर्वाद दिया था और आज जब वे मुश्किल दौर से गुजर रही हैं, तब उनके साथ खड़ा होना जनता का स्वाभाविक स्नेह है।
चुनाव में वोट के रूप में मिला समर्थन आज दुआओं के रूप में दिखाई दे रहा है।
राजनीतिक विरोध अपनी जगह, जनता का प्यार अपनी जगह
नगर निकाय की राजनीति में अध्यक्ष के फैसलों और नगर पालिका के कामकाज को लेकर समय-समय पर मतभेद और विरोध के स्वर सामने आते रहे हैं। कुछ पार्षदों और राजनीतिक हलकों में अध्यक्ष के कामकाज को लेकर असहमति की चर्चाएं भी होती रही हैं।
लेकिन इन राजनीतिक विवादों से अलग शबरी पाल की बीमारी ने एक दूसरा पक्ष सामने ला दिया है—जनता का व्यक्तिगत जुड़ाव।
समर्थकों का कहना है कि राजनीति में विरोध और समर्थन चलता रहता है, लेकिन बीमारी की घड़ी में किसी के लिए लोगों का चिंतित होना उसके प्रति जनता के भावनात्मक लगाव को दर्शाता है।
‘जल्द लौटेंगी और फिर संभालेंगी मोर्चा’
शबरी पाल के समर्थकों को भरोसा है कि इलाज के बाद वह जल्द स्वस्थ होकर पाकुड़ लौटेंगी। उनका कहना है कि जिस महिला ने चुनाव में तमाम चुनौतियों के बीच अपनी पहचान बनाई और जनता का भरोसा जीता, वह बीमारी की इस चुनौती से भी मजबूती से बाहर आएंगी।
पाकुड़ की जनता ने उन्हें पहले मतदान के जरिए अपना प्यार दिया था, आज वही प्यार और भरोसा उनकी सलामती की दुआओं में नजर आ रहा है।
अब हर किसी की नजर कोलकाता में चल रहे उनके इलाज और उनकी सेहत में सुधार की खबर पर है। समर्थकों की एक ही उम्मीद है—शबरी पाल जल्द स्वस्थ हों, पाकुड़ लौटें और फिर उसी आत्मविश्वास के साथ नगर की जिम्मेदारी संभालती नजर आएं।






