पाकुड। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार स्थानीय रानी ज्योतिर्मयी स्टेडियम में झारखंड सरकार जिला प्रशासन एवं झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के सौजन्य से सोमवार को 20 फरवरी से 22 फरवरी तक होने वाली राष्ट्रीय जुट महोत्सव का उद्घाटन ग्रामीण विकास विभाग मंत्री आलमगीर आलम ,उपायुक्त वरुण रंजन, पुलिस अधीक्षक पी जनार्दन, अजय कुमार सीएमडी जेसीआई ,जिला परिषद अध्यक्ष ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस शुभ मुहूर्त में अजय कुमार, सीएमडी जेसीआई, अमिताभ सिन्हा, डायरेक्टर फाइनेंस, जेसीआई, अनिन्दया आचार्य, संयुक्त सचिव, नेशनल जुट बोर्ड कोलकाता, श्री विष्णु चरण परिदा, सीओओ, जेएसएलपीएस, जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती जूली खिष्टमणी हेम्ब्रम, झारखंड प्रदेश महासचिव, कांग्रेस उदय लखमानी, उप विकास आयुक्त आयुक्त मो० शाहिद अख्तर, अपर समाहर्ता श्रीमती मंजू रानी स्वांसी, अनुमंडल पदाधिकारी हरिवंश पंडित, विशेष कार्य पदाधिकारी विकास कुमार त्रिवेदी आदि उपस्थित रहे।
उपायुक्त श्री वरुण रंजन ने इस कार्यक्रम में उपस्थित सभी उद्यमियों एवं रोजगार मेला में सम्मिलित होने वाले रोजगार देने वाली कंपनियों व जूट से जुड़े हुए किसान बंधु को संबोधित करते हुए कहा कि पाकुड़ एवं साहिबगंज जिले में जुट क्लस्टर्स की स्थापना के लिए जिला प्रशासन एवं जेएसएलपीएस के साथ मिलकर आगे कदम बढ़ा रहे हैं। जूट उद्योग के सफल क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन के द्वारा जूट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया एवं नेशनल जूट बोर्ड के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर आगे के कार्यों को किया जा रहा है। पाकुड़ जिले के किसानों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से नई तकनीकों के माध्यम से जूट उत्पादन को बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। ताकि ज्यादा से ज्यादा संख्या में किसानों को जूट उत्पादन से जोड़ लाभान्वित किया जा सके। इसके अलावे उपायुक्त ने कहा कि पाकुड़ जिले की लगभग 5000 से अधिक किसानों को जूट उत्पादन से जोड़ा जा रहा है। रोजगार मेला के माध्यम से पाकुड़ एवं साहिबगंज जिला के किसानों को जूट उत्पादन का उचित मूल्य उपलब्ध होगा। ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए रोजगार सृजन मेले का आयोजन किया गया है।मेले में कुल 18 कंपनियों ने हिस्सा लिया है ।
ग्रामीण विकास मंत्री ने किया किसानों का हौसला अफजाई
ग्रामीण विकास मंत्रीमंत्री आलमगीर आलम ने जूट महोत्सव के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए कहा कि ऐसे तो रोजगार रोजगार होता है ।सरकार रोजगार की दिशा में हर क्षेत्र कारगर कदम उठा रही है। इस महोत्सव के आयोजन का उद्देश्य रूप आधारित आजीविका कमाने वाले परिवारों के बीच नई तकनीकों कौशल और जूट उत्पादों की बढ़ती मांग के बाजार को अपनाने के माध्यम से घरेलू के साथ-साथ औद्योगिक उपयोग में भी अपनी आजीविका बढ़ाने के अवसर के बारे में जागरूकता पैदा करना है। जिला के किसानों को जूठ की उन्नत खेती आधुनिक प्रसंस्करण विधि, वैज्ञानिक विधि से भंडारण तथा जूट की विभिन्न उत्पाद एवं जूट उत्पादों का विस्तृत बाजार पर उन्मुखीकरण इस जागरूकता तथा जूट आधार आधारित आजीविका को संवर्धित करने हेतु झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी एवं जिला प्रशासन के द्वारा जूट किसान एवं कारीगर संकुल संवर्धन योजना आरंभ की गई है।
पाकुड़ जिला के पाकुड़ सदर प्रखंड में 5036 जुट किसानों के सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। सर्वे के अनुसार पाकुड़ जिला के सदर प्रखंड के 40 ग्रामों में 4888.9 एकड़ भूमि पर प्रतिवर्ष लगभग 5812 मैट्रिक टन जूट का उत्पादन किया जा रहा है। साहेबगंज जिला में विभाग के द्वारा कराये गए सर्वे में 21000 किसानों के द्वारा प्रति वर्ष 24 हज़ार मीट्रिक टन जूट का उत्पादन किया जा रहा है। विभाग के द्वारा कोलकाता की इजरा संस्था के द्वारा दोनों जिलों में तकनिकी सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है और सर्वे के रिपोर्ट में पाकुड़ और साहेबगंज दोनों जिलों में उत्पादित किये जा रहे जूट को टीडी 4 से टीडी 7 क्वालिटी का पाया गया है ।जिसकी जूट उद्योग में भारी मांग है।
यहां पर जूट उद्योग के कल कारखाने विकसित की जाएगी।मौके पर मौजूद 3 जुट उत्पाद उधमी को कीट सौंपा गया ।
रोजगार सृजन के तहत लाभुक हुए लाभान्वित
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत 3 लाभुकों को सिलाई मशीन, जेएसएलपीएस के तहत तीन कर्मियों को जॉब लेटर तथा भूमि संरक्षण विभाग की ओर से महिला दीदियों को ट्रैक्टर की चाबी सौंपा गया।
मंत्री एवं उपायुक्त ने किया स्टॉलो का निरीक्षण
ग्रामीण विकास मंत्री व उपायुक्त ने क्रमवार सभी 65 स्टाल का निरीक्षण किया। इस क्रम में एक से बढ़कर एक उत्पादों को देख प्रसन्नता व्यक्त की। कहा कि मेले में आने वाले लोगों को हाथों से निर्मित उत्पाद काफी पसंद आएंगे। राष्ट्रीय जूट महोत्सव इन दिनों पर्यटकों और स्थानीय लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस मेले में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से जूट का सामान बनाने वाले कारीगरों ने हिस्सा लिया है। जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से कारीगर जूट से बना सामान बेचने लाए हैं। ग्रामीण विकास मंत्री ने सभी से बात की एवं उनसे जानकारी हासिल की।
कर्यक्रम की सफलता के लिए आपूर्ति पदाधिकारी संजय कुमार दास, जिला कल्याण पदाधिकारी विजन उरांव, कार्यपालक दंडाधिकारी श्री आशुतोष, मुख्यालय डीएसपी वैद्यनाथ प्रसाद, जिला पंचायत राज पदाधिकारी महेश राम, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ० चंदन, जिला योजना पदाधिकारी अनुप कुजूर, जिला शिक्षा अधीक्षक मुकुल राज, डीपीएम जेएसएलपीएस प्रवीण मिश्रा ने सराहनीय भूमिका अदा की।











