राजकुमार भगत
मकान कर के रूप में 85% लोगों ने किया भुगतान, जल कर देने में उपभोक्ता कर रहे हैं आनाकानी
पाकुड़। पाकुड़ नगर परिषद क्षेत्र में जो भी लोग व्यापार करते हैं, चाहे वह अपना घर में करें अथवा किराए का मकान लेकर। पेशा कर अंतर्गत उन्हें ट्रेड लाइसेंस लेना पड़ेगा। पेशा कर जगह के अनुसार प्रति स्क्वायर फीट के दर से सलाना कर चुकता करना पड़ता है। कार्यालय से प्राप्त सूचना के अनुसार यदि प्रार्थी समय पर भुगतान नहीं करते हैं तो उन पर आगे की कार्रवाई के लिए अनुशंसा की जाती है। पेशा कर में शिक्षक चिकित्सक पुलिस अधीक्षक आदि पाकुड़ में नहीं आते हैं । किंतु सरकारी आवास का कर चुकता करना पड़ता है। किंतु यदि कोई चिकित्सक अपनी नर्सिंग होम खोले हैं तो उन्हें नर्सिंग होम की ट्रेड लाइसेंस लेना होगा और उन्हें जितनी जगह में नरसिंह होम रखते हैं उस गणित से स्क्वायर फीट के हिसाब से पेशा कर का भुगतान नगर परिषद को करना पड़ता है ।
पाकुड़ नगर परिषद वर्ष 31 मार्च 2023 को पेशा कर का का लक्ष्य 6 लाख़ 50 हजार था जिसके विरुद्ध ₹6 लाख 3 हजार रुपए की कलेक्शन की गई थी। शेष लोग जिन्होंने कर भुगतान नहीं किया उन्हें नोटिस जारी किया गया। मकान कर मद में 31 मार्च तक 1.5 करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा गया था जिसके विरूद्ध 1.29 करोड़ की वसूली की गई थी ।जो कुल लक्ष्य का 85% है। इसी प्रकार से सरकारी भवन का लक्ष्य 64 लाख रखा गया था किंतु मात्र 16 .70 लाख रुपए ही वसूलीकी जा सकी। दुकान कर का लक्ष्य 40 लाख़ के वनस्पति मात्र ₹11लाख रुपए की वसूली की जा सकी। नगर परिषद ने सभी को नोटिस जारी कर शीघ्र से शीघ्र भुगतान करने का आदेश जारी किया है। वहीं अगर बात करें हम पानी कर की तो नगर परिषद क्षेत्र में 849 वैध कनेक्शन है । इनमें से कुछ लोगों के पास काफी माह से कर बकाया पड़ा है ।पानी कर के मद में एक करोड रुपए कलेक्शन का लक्ष्य रखा गया था। जिसकी विरुद्ध मात्र 9.76 लाख काही कलेक्शन हो पाया। पानी कर के मद में सलाना 1620 रुपए का कर प्रति उपभोक्ता को भुगतान करना पड़ता है। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कौशलेश यादव बताते हैं की नगर परिषद क्षेत्र का तेजी से विकास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि बरसात से पहले सभी नालियों की सफाई की जा रही है। वार्ड संख्या 5 ,7, 8 से मकान कर के रूप में 85% की वसूली हुई है। जबकि वार्ड संख्या 21 में कुछ कम है। लगभग मकान कर के रूप में सभी वार्डों से समानांतर टैक्स की वसूली हुई है।










