महेशपुर के एसडीपीओ, अमड़ापाड़ा थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर सदलबल के साथ मौके पर पहुंच कर मामले की छानबीन की
बिक्की सन्याल
पाकुड़। सोमवार को जिले के अमड़ापाड़ा स्थित पचुवाड़ा सेंट्रल कोल ब्लॉक के आवंटी पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के माइंस मैनेजर राकेश सिंह समेत तीन अधिकारियों पर कुछ ग्रामीणों द्वारा जानलेवा हमला करने का मामला प्रकाश में आया है। पीएसपीसीएल कि अधिकारियों को लात घूसों के अलावा किसी धारदार हथियार से भी हमला किया गया जिससे तीनों अधिकारी घायल हो गए और किसी तरह अपनी जान बचाकर भागे । इस बाबत माइंस मैनेजर राकेश सिंह द्वारा अमड़ापाड़ा थाना में दिए गए लिखित शिकायत के अनुसार उनके साथ ब्लास्टिंग ऑफिसर कृष्ण कांत सिंह व सेफ्टी इंचार्ज दीपक कुमार रोज की भांति माइंस जांच में गए। उन्हें मालूम चला कि कुछ ग्रामीण माइंस को बंद कराकर पेड़ कटाई करने वाली मशीन को अपने कब्जे में ले लिया है। पीएसपीसीएल के अधिकारी जब इस बाबत ग्रामीणों से वार्ता करने पहुंचे तो आलूबेड़ा निवासी सुंदर मुर्मू, चुंडा मुर्मू, मंगल टुडू, लुखिराम मुर्मू, राम बास्की समेत तकरीबन 8-10 की संख्या में बाइक से आए ग्रामीण उग्र हो गए और उनकी गाड़ी में आग लगाने की धमकी देने लगे। इससे भयभीत होकर जब ग्रामीण अपने वाहन से उतर गए तभी मंगल टुडू ने धारदार हथियार से उनके ऊपर हमला कर दिया। जिससे राकेश सिंह के सिर व हाथ में तथा कृष्ण कांत सिंह के सर व पेट में व दीपक कुमार के गाल व हाथ में वार कर उन्हें घायल कर दिया। आनन फानन में तीनों अधिकारी मौके से अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहे। उधर, घटना की जानकारी मिलते ही महेशपुर के एसडीपीओ नवनीत हेम्ब्रम, अमड़ापाड़ा थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर गोपाल कृष्ण यादव सदलबल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता कर मामले की जांच शुरू की।
क्या कहती है पुलिस
नौकरी, मुआवजा आदि की मांग को लेकर कुछ ग्रामीणों ने माइंस बंद करा दिया था। बातचीत कर मामले को सुलझा लिया गया है। लिखित शिकायत ओर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।’ नवनीत हेम्ब्रम, एसडीओपी, पाकुड़ ।









