बजरंग पंडित
हिरणपुर (पाकुड़)। विजयादशमी के पावन अवसर पर मंगलवार प्रातः देवी दुर्गा की पूजा हुई। इसके बाद पुजारी की उपस्थिति में श्रद्धालुओं द्वारा बारी की विसर्जन की गई। इस मौके पर मंदिरों में काफी संख्या में उपस्थित महिलाओ ने नम आंखों से माँ की विदाई दी व मंदिर प्रांगण में सिंदूर खेला खेली। डांगापाड़ा में सेकड़ो की संख्या में उपस्थित महिलाओ ने हर्षोल्लास के साथ एक दूसरे के मांग में सिंदूर लगाकर पति की दीर्घायु की कामना किया। पुजारी कानन मुखर्जी ने बताया कि दुर्गा पूजा में सिंदूर खेला का काफी महत्व है। जब देवी माँ अपने ससुराल लौट रही थी तो मायके के लोगो द्वारा सिंदूर , आलता आदि सामान उपहार स्वरूप दिया गया था। वही देवी माँ ने सबको आशीर्वाद देकर पति की दीर्घायु की कामना किया। वही महिलाओ ने एक दूसरे के मांग में सिंदूर लगाकर पति की दीर्घायु की कामना भगवान से किया। तब से यह परंपरा यथावत चल रहा है। उधर हिरणपुर बाजार स्थित मंदिरों में भी सिंदूर खेला हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।





