रथ यात्रा पर 30 दिनों का भव्य मेले का आयोजन प्रारंभ ।
राजकुमार भगत
पाकुड़ में भगवान जगन्नाथ के रथ यात्रा दसको पुरानी मुगल शासन काल से चला आ रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार रथ यात्रा प्रत्येक वर्ष आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाई जाती है। नियमानुसार रविवार को भगवान बलभद्र एवं एवं राधारानी की राजापाड़ा स्थित मदन मोहन मंदिर में प्रातः काल विधि पूर्वक पूजा अर्चना की गई। तत्पश्चात भगवान बलभद्र एवं राधारानी को कालीबाड़ी मैदान में अष्टधातु से निर्मित पुरातन सुसज्जित रथ में अपने निजधाम से पंडित भारत भूषण के नेतृत्व में राज परिवार के साथ विराजमान किया गया। इस दौरान भक्तो द्वारा मदन मोहन एवं राधा रानी की जयकारा लगाते रहे। भगवान मदन मोहन बलभद्र के रथ पर सवार होते ही भक्तजनों द्वारा पंडित भारत भूषण के सहयोग से पूजा अर्चना किया। संध्या 5:00 बजे चाक चौबंद पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के बीच गाजे बाजे भजन कीर्तन के साथ भगवान बलभद्र माता रानी सुभद्रा के साथ अपने निजधम से रथ पर सवार होकर अपनी मौसी के घर जाने के लिए प्रस्थान कर गए। भगवान जगन्नाथ की रथ राज परिवार पुरोहित पंडित एवं समाज के सहयोग से राजापाडा , हाटपाड़ा भगतपाड़ा मंदिर से होते हुए पुनः कालीबाड़ी स्थित मैदान पहुंचा। इस बीच भक्तों द्वारा भगवान बलभद्र को पांन सुपारी एवं बताशा का भोग लगाया जाता रहा। भक्त जनों का शरबत पिलाया गया। रथ के मैदान में पहुंचने के पश्चात भगवान बलभद्र एवं राधा रानी को सम्मान पूर्वक पंडित भारत भूषण के नेतृत्व में कालीबाड़ी स्थित अपने मौसी के घर के लिए प्रस्थान कर गए। यहां उन्हें रंग महल में विराजमान किया गया। एवं संध्या आरती की गई। भगवान बलभद्र 8 दिनों तक अपने मौसी के यहां रंग महल में विश्राम करेंगे। नवे दिन 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ पुनः अपने धाम के लिए मौसी के घर से प्रस्थान करेंगे इस बीच उनकी विधिवत पूजा अर्चना दोनों शाम जारी रहेगा। प्राप्त समाचार के अनुसार हीरानंदनपुर में भी गाजे बाजे के साथ रस यात्रा निकाली गई। राजवाड़ी मैदान में मेले का हुआ भव्य आयोजन रथ मेला के शुभ अवसर पर नगर थाना के सामने छोटी रजवाड़ी के मैदान में भव्य रूप से मेले का आयोजन किया गया जो एक महीने तक चलेगा। मेले में तारामाक्षी, नगरदोला ,ब्रेक डांस, मिनी रेल, जादू,मीना बाजार, रोल मुगलई चार्ट की दुकान, खिलौना स्टील के बर्तन, आइस क्रीम, लोहा की दुकान, प्रचुर मात्रा में लगाया गया है। मेले में ₹6 से खरीदारी प्रारंभ हो जाती है। इस मेले में किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता। किंतु प्रवेश एवं निकास के रास्ते आती संकीर्ण है जिस पर प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है।
मेले में पुलिस की रहेगी पैनी नजर
नगर थाना प्रभारी ने बताया की इस वर्ष मेले में सुरक्षा व्यवस्था का विशेष इंतजाम किया गया है। अगले वर्ष की घटना को ध्यान में रखते हुए कुछ पुलिस धारी सिविल बेस में मेले के अंदर सरारती तत्वों पर नजर रखेंगे।
मेले के अंदर खाने पीने के समान में रंगों का प्रयोग अधिक
मेले के अंदर में खाद्य सामग्री की के भी स्टाल लगाए गए हैं । खाद्य सामग्री बेचने के लिए इन्हें भी एक टेंपरोरी लाइसेंस बनाना चाहिए था? इन खाद्य सामग्रियों में हल्दी की जगह में रंग एवं उनके चार्ट में दिए जाने वाले सॉस कम कीमत के मिलावटी रहते हैं। इस पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है अन्ययथा की बरसात के मौसम में स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
नगर परिषद के द्वारा नहीं रखा गया ध्यान
कुछ दुकानदार एकदम रोड पर सटकर दुकान लगाने से आवा जाई में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मिली भगत से रोड पर दुकान लगाए गए । शंकर होटल के पास एक जलेबी दुकान बिल्कुल रोड से सटा हुआ है पूछने पर कहता है हमारे पास परमिशन है। नगर परिषद एवं जिला प्रशासन की इस पर ध्यान देना चाहिए।





