प्रशांत मंडल
वट सावित्री पूजा के अवसर पर लिट्टीपाड़ा प्रखंड मुख्यालय सहित करियोडिह, करणघाटी और बड़ा सरसा गांव में सुहागिन महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा-अर्चना की। इस दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे की मांग में सिंदूर भरकर पति की लंबी उम्र और मंगलकामना के लिए कामना की। घर पहुंचकर पति की आरती उतारकर आशीर्वाद लिया। वट सावित्री पूजा का विशेष महत्व है, क्योंकि इसी दिन सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस लाए थे। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं और वट वृक्ष की पूजा करती हैं। बरगद के पेड़ की जड़ में जल चढ़ाकर और कच्चा सूत लपेटकर परिक्रमा की जाती है, जिससे पति की उम्र लंबी होती है और वैवाहिक जीवन सुखमय बना रहता है।






