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September 11, 2026 8:36 pm

कलयुगी बेटे मुकुल और अनुकूल दास ने 70 वर्षीय मां को घर से निकाला, दुर्गा सोरेन सेना बनी सहारा

बुजुर्ग मां को घर से निकाला, बेटों की अमानवीयता देख कांप उठी इंसानियत — दुर्गा सोरेन सेना ने बनाया ढाल

पाकुड़। रामसागर पोखर मोहल्ले में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। यहां दो पुत्रों — मुकुल दास और अनुकूल दास — ने अपनी 70 वर्षीय मां सुशेरी दास को घर से बाहर निकाल दिया। वह मां, जिसने उन्हें बचपन से पाल-पोस कर बड़ा किया, बुढ़ापे में उन्हीं बेटों के लिए बोझ बन गई।

सुबह सात बजे दुर्गा सोरेन सेना को एक कॉल आया, जिसमें बताया गया कि एक बुजुर्ग महिला खुले आसमान के नीचे बेसहारा बैठी हैं। टीम तत्काल मौके पर पहुंची, जहां उन्होंने सुशेरी दास को मानसिक रूप से टूटे हुए और पूरी तरह असहाय हाल में पाया। दोनों बेटों की इस क्रूरता ने यह साबित कर दिया कि रिश्ते अगर संवेदना से खाली हों, तो खून के रिश्ते भी पत्थर बन जाते हैं। जिस मां ने अपने जीवन का हर सुख त्यागकर अपने बेटों का भविष्य संवारने में लगा दिया, आज वही मां सड़क पर छोड़ दी गई!

दुर्गा सोरेन सेना के जिला अध्यक्ष उज्ज्वल भगत ने इस अमानवीय घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “ऐसे पुत्रों को समाज से बहिष्कृत किया जाना चाहिए। मां को त्यागने वाला इंसान नहीं, केवल नाम का बेटा हो सकता है।”

महिला को तत्क्षण सोनाजोड़ी वृद्धाश्रम में सुरक्षित आश्रय दिया गया, जहां उनके रहने, खाने और इलाज की सारी व्यवस्था कर दी गई है। सेना ने यह भी वादा किया कि सुशेरी दास की देखभाल भविष्य में भी जारी रहेगी।

यह घटना केवल एक मां की कहानी नहीं है — यह सवाल है उन तमाम लोगों से, जो अपने बुजुर्ग माता-पिता को बोझ समझते हैं। समाज को ऐसे मामलों में न केवल खड़ा होना होगा, बल्कि ऐसे अमानवीय बेटों को आइना भी दिखाना होगा।

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