सिमलजोड़ी में जनचौपाल के दौरान बोले पूर्व मुख्यमंत्री— “संथाल को वोट बैंक बनाकर रखना चाहते हैं हेमंत”
प्रशांत मंडल
पूर्व मुख्यमंत्री व ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास ने शनिवार को लिट्टीपाड़ा के सिमलजोड़ी गांव में एक जनचौपाल के दौरान राज्य की हेमंत सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा—अगर हिम्मत है तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड के 13 जिलों में PESA कानून लागू करके दिखाएं।” जनचौपाल में मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों के बीच रघुवर दास ने साफ शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री “अबुआ दिशोम, अबुआ राज” का ढोंग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें वास्तव में आदिवासी समाज के विकास से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा—हेमंत सोरेन की राजनीति सिर्फ वोट बैंक तक सीमित है। संथाल और पहाड़िया समाज को जानबूझकर पीछे रखा जा रहा है, ताकि वे सत्ता की सीढ़ी बने रहें।
संथाल आदिवासी समाज आज भी वंचित क्यों?
रघुवर दास ने सवाल उठाया कि झारखंड का मुख्यमंत्री खुद एक आदिवासी है, फिर भी संथाल आदिवासी समाज आज भी बिजली, सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित क्यों है?
उन्होंने तंज कसते हुए कहा—
“हेमंत सोरेन को लगता है कि यहां का आदिवासी समाज पेट भरकर बैठा है, उसे अब और किसी चीज़ की ज़रूरत नहीं है।”
अब उठने का समय है, हुल क्रांति जरूरी
पूर्व मुख्यमंत्री ने आदिवासी युवाओं का आह्वान करते हुए कहा—
“अब समय आ गया है जागने का। अपने अधिकार, संस्कृति और रीति-रिवाज को बचाने के लिए एक ‘हुल क्रांति’ की ज़रूरत है। जब तक सड़कों पर उतरकर आवाज़ नहीं उठेगी, PESA कानून लागू नहीं होगा।”
देश में 8 राज्यों में लागू है PESA, लेकिन झारखंड में नहीं”
रघुवर दास ने बताया कि झारखंड और ओडिशा को छोड़कर देश के 8 राज्यों में PESA कानून लागू है।”हमारा संविधान आदिवासी समाज के खून से बना है, उसमें PESA कानून का प्रावधान है, लेकिन कांग्रेस और JMM की गठबंधन सरकारें उसे लागू करना नहीं चाहती हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि PESA कानून कोई साधारण कानून नहीं, बल्कि ग्राम सभा को लोकसभा और विधानसभा जितना ही अधिकार देता है। “गांवों का मालिक ग्राम सभा होती है, लेकिन इस कानून को लागू करने से सत्ता की राजनीति खतरे में पड़ती है। इसलिए सरकार इसे टाल रही है।”
“वृद्धों को पेंशन नहीं, योजनाओं में भेदभाव”
रघुवर दास ने कहा कि सरकार ‘मैया योजना’ जैसी योजनाओं के नाम पर केवल वोट बैंक तैयार कर रही है, जबकि वृद्धों को पेंशन तक नहीं मिल पा रही।
“इस सरकार को जनता की नहीं, सिर्फ चुनाव की चिंता है।”
लिट्टीपाड़ा पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत
पूर्व मुख्यमंत्री के लिट्टीपाड़ा पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने चौक पर उनका ज़ोरदार स्वागत किया। फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन हुआ। इसके बाद उन्होंने तिलका मांझी और सिद्धू-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।







