Search

October 6, 2026 12:06 pm

चैनपुर अंचल कार्यालय का अपना संविधान? क्या सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया से भी ऊपर चल रहा दफ्तर का फरमान!

जिला संवाददाता


पलामू: चैनपुर अंचल कार्यालय की कार्यशैली पर अब गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यहां ऐसा माहौल बना दिया गया है मानो दफ्तर का आदेश ही अंतिम सत्य हो। जिस देश में न्याय की अंतिम उम्मीद सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया से होती है, वहीं जमीन के मामलों में अंचल स्तर पर ही फैसले ऐसे किए जा रहे हैं कि आम आदमी अदालत तक जाने से पहले ही डर और दबाव में आ जाए।

आरोप है कि जब कोई व्यक्ति अपनी जमीन बचाने के लिए कानूनी लड़ाई की तैयारी करता है, तभी अचानक कागजों और फैसलों का ऐसा खेल शुरू हो जाता है कि उसकी जमीन ही हाथ से निकलने लगती है। पीड़ित अदालत का दरवाजा खटखटाने की सोचता है, और इधर फाइलों में फैसला बदलने की कोशिश शुरू हो जाती है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अब अंचल कार्यालय ही न्यायालय बन गया है? क्या जमीन के फैसले दफ्तरों में ही लिखे जाएंगे और जनता बस कागज लेकर दर-दर भटकती रहेगी?

आज पीड़ित जनता पूछ रही है—

“क्या चैनपुर अंचल कार्यालय का आदेश ही अंतिम कानून है, या फिर इस देश में अभी भी सुप्रीम कोर्ट की गरिमा बाकी है?”

Leave a Comment

लाइव क्रिकेट स्कोर
error: Content is protected !!