डीसी-एसपी ने शांति समिति के साथ की बैठक, डीजे पर हाईकोर्ट के निर्देश लागू; हर पंडाल में स्वयंसेवक और आपातकालीन नंबर रखने के निर्देश
पाकुड़। दुर्गापूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को समाहरणालय सभागार में डीसी मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक हुई। इसमें डीसी और एसपी अनुदीप सिंह ने पूजा समितियों और शांति समिति के सदस्यों को सुरक्षा, यातायात और विधि-व्यवस्था को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पूजा स्थलों पर साफ-सफाई, पेयजल, रोशनी और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विसर्जन, रावण दहन या अन्य सार्वजनिक आयोजनों के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। पूजा समितियों को पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवक तैनात करने, उनकी पहचान के लिए कैप व जरूरत के अनुसार सीटी रखने तथा पंडालों में आपातकालीन नंबर प्रदर्शित करने को कहा गया।
अफवाह पर तुरंत पुलिस को दें सूचना
डीसी ने सोशल मीडिया पर अफवाह, भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री से सतर्क रहने की अपील की। ऐसी कोई जानकारी मिलने पर तत्काल थाना प्रभारी या बीडीओ को सूचना देने को कहा। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने या विधि-व्यवस्था प्रभावित करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
बिना अनुमति जुलूस का रूट नहीं बदलेगा
एसपी अनुदीप सिंह ने कहा कि पूजा के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल, क्यूआरटी और संवेदनशील स्थानों पर बल की तैनाती की जा रही है। असामाजिक तत्वों की पहचान और निरोधात्मक कार्रवाई भी जारी है। पूजा समितियां बिना अनुमति पारंपरिक जुलूस मार्ग में बदलाव नहीं करेंगी। बदलाव जरूरी होने पर एसडीओ से पूर्व अनुमति लेनी होगी। एसपी ने स्पष्ट किया कि डीजे के इस्तेमाल को लेकर हाईकोर्ट के निर्देश प्रभावी हैं। उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। थाना स्तर पर नोडल पदाधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जबकि ट्रैफिक प्लान, बैरिकेडिंग और जिला नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था भी की जा रही है। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा सभी बीडीओ, सीओ, थाना प्रभारी और विभिन्न क्षेत्रों के शांति समिति के सदस्य मौजूद रहे।








