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March 20, 2026 5:02 pm

“भविष्य और सम्मान की लड़ाई: मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा मनरेगा कर्मियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन – पंकज सिंह ( जिलाध्यक्ष पलामू )

संजय कुमार गुप्ता


मेदिनीनगर /पलामू
झारखण्ड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के आह्वान पर पलामू जिले के मनरेगा कर्मी अपनी चिर-प्रतिक्षित मांगों को लेकर 12 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं। इस हड़ताल का व्यापक असर पूरे जिले में देखने को मिल रहा है, जहां सभी प्रखंडों में मनरेगा के तहत चलने वाले कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की रफ्तार थम गई है।

हड़ताल स्थल पर बड़ी संख्या में जुटे मनरेगा कर्मियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर एकजुटता का प्रदर्शन किया। इस दौरान संघ के जिलाध्यक्ष पंकज सिंह ने कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह आंदोलन केवल मांगों का नहीं, बल्कि मनरेगा कर्मियों के अस्तित्व, भविष्य और सम्मान की लड़ाई है।

जिलाध्यक्ष पंकज सिंह का संबोधन

जिलाध्यक्ष पंकज सिंह ने अपने जोशीले भाषण में कहा,
“हमलोगों ने अपने जीवन का अमूल्य समय मनरेगा को मजबूत करने में लगाया है। आज भी हमारी कोई स्थायी पहचान नहीं है। सरकार की नीतियों और VBG राम G जैसे बदलावों ने मनरेगा के अस्तित्व पर ही संकट खड़ा कर दिया है। यह स्थिति हम सभी के लिए काफ़ी चिंताजनक है।”

उन्होंने आगे कहा,
“वर्षों से हम अल्प मानदेय पर काम कर रहे हैं। हमसे मनरेगा के अलावा भी कई अतिरिक्त कार्य लिए जाते हैं, लेकिन उसके बदले कोई उचित पारिश्रमिक नहीं दिया जाता। हमारा भविष्य पूरी तरह असुरक्षित है। राज्य के कई मनरेगा कर्मी अत्यधिक कार्य बोझ के कारण असमय काल के गाल में समा गए, लेकिन सरकार ने उनके परिवारों के लिए कोई सहायता नहीं दी। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अमानवीय है।”

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा,
“जब तक सरकार हमारी मांगों पर ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।”

वरीय नेताओं का संबोधन

संघ के वरीय पदाधिकारियों ने भी सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि मनरेगा कर्मी ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं, लेकिन सरकार उनके साथ उपेक्षापूर्ण रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सरकार ने कर्मियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।

नेताओं ने कर्मियों से अपील की कि वे एकजुट रहें और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को सफल बनाएं, ताकि उनकी आवाज सरकार तक मजबूती से पहुंचे।

प्रमुख मांगें

मनरेगा कर्मियों ने अपनी मांगों को स्पष्ट रूप से सरकार के सामने रखा है :

  1. सेवा स्थायीकरण (Regularization of Service)
  2. स्पष्ट सेवा नियमावली का निर्माण (Service Rules Formation)
  3. बकाया मानदेय का शीघ्र भुगतान (Pending Salary Payment)
  4. समान वेतन संरचना लागू करना (Equal Pay Structure)
  5. सामाजिक सुरक्षा की गारंटी (Social Security Benefits)

कर्मियों में बढ़ता आक्रोश

हड़ताल में शामिल कर्मियों के बीच सरकार के प्रति गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। उनका कहना है कि वे वर्षों से ग्रामीण विकास और मनरेगा योजनाओं के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, बावजूद इसके उन्हें न तो उचित सम्मान मिला और न ही सुरक्षा।

कर्मियों का कहना है कि यह आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर है और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।

पलामू जिले में मनरेगा कर्मियों की यह अनिश्चितकालीन हड़ताल अब केवल एक विरोध नहीं, बल्कि अपने अधिकार, सम्मान और सुरक्षित भविष्य के लिए छेड़ी गई निर्णायक लड़ाई बन चुकी है। अब सबकी नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर मुद्दे पर कब और क्या निर्णय लेती है।

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