पाकुड़ नगर थाना क्षेत्र के शहरकोल स्थित पानी से भरी खदान में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक अंत सामने आया।सोनाजोड़ी निवासी 28 वर्षीय कान्हू किस्कू का शव उसी खदान में तैरता हुआ मिला, जहां उसके डूबने की आशंका पहले दिन से ही जताई जा रही थी।चार दिनों से लापता युवक की तलाश में जुटे परिजनों और ग्रामीणों का इंतजार आखिरकार खत्म हुआ, लेकिन यह अंत इतना दर्दनाक होगा, इसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी।सुबह जब कुछ ग्रामीणों की नजर खदान के पानी पर पड़ी, तो उसमें एक शव तैरता दिखा। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जुट गई और पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को खदान से बाहर निकलवाया।इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया।
क्या था पूरा मामला?
बताया जाता है कि बीते सोमवार सुबह करीब 10 बजे कान्हू किस्कू घर से शौच के लिए निकला था। आसपास के बच्चों ने उसे घर के पास स्थित खदान की ओर जाते देखा था।काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की। स्थानीय स्तर पर ट्यूब और नाव के सहारे खदान में तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।परिजनों ने शुरू से ही आशंका जताई थी कि वह खदान में डूब गया होगा। बावजूद इसके, चार दिनों तक प्रशासन की ओर से गोताखोर टीम नहीं बुलाए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश था।
टूट गया परिवार का सहारा
कान्हू किस्कू की मौत ने उसके परिवार को पूरी तरह तोड़ कर रख दिया है। चार दिनों से अपने पिता के लौटने का इंतजार कर रहे 6 वर्षीय होपना किस्कू और 4 वर्षीय एलेक्स किस्कू अब हमेशा के लिए पिता के साये से वंचित हो गए।वृद्ध माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में कभी हंसी-खुशी का माहौल था, वहां अब सन्नाटा और सिसकियां गूंज रही हैं।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि समय रहते यदि गोताखोर टीम बुलाई जाती, तो शायद पहले ही स्थिति स्पष्ट हो जाती।चार दिनों तक केवल आश्वासन मिलता रहा, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।अब शव मिलने के बाद परिजनों की आशंका सही साबित हुई, लेकिन उनके दर्द को कम नहीं किया जा सकता।








