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May 28, 2026 11:13 pm

चार समुदायों के श्मशान घाट पर कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने एसडीओ से लगाई न्याय की गुहार।

प्रशांत मंडल

लिट्टीपाड़ा (पाकुड़) प्रखंड के तालपहाड़ी (तेलीटोला) गांव में चार समुदायों के पारंपरिक श्मशान घाट की जमीन पर कब्जे का मामला सामने आया है। इस संबंध में ग्रामीणों ने अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) पाकुड़ को आवेदन देकर जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार गांव के तेली, सुड़ी, नाई एवं भुईया समुदाय के एक सौ से अधिक परिवार कई पीढ़ियों से प्लॉट संख्या-1258 की लगभग चार बीघा सरकारी अनाबादी जमीन का उपयोग श्मशान घाट के रूप में करते आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इसी भूमि पर उनके पूर्वजों का दाह-संस्कार एवं दफन क्रिया होती रही है और वर्तमान में भी उक्त जमीन का उपयोग अंतिम संस्कार के लिए किया जाता है।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि गांव निवासी तरुण कुमार साह उर्फ ठाकुर डॉक्टर द्वारा बिना ग्रामीणों को सूचना दिए जेसीबी मशीन लगाकर श्मशान घाट की जमीन को खेत में बदला जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अप्रैल 2026 में उक्त जमीन पर धान खेत तैयार करने का कार्य कराया गया, जिससे चारों समुदायों में आक्रोश और चिंता व्याप्त है। ग्रामीणों ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि पूछताछ करने पर तरुण कुमार साह ने बताया कि उनके बड़े भाई छविलाल साहा, जो जल सेना से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में दिल्ली में रहते हैं, के नाम पर सरकार द्वारा उक्त प्लॉट की लगभग 15 बीघा जमीन हस्तांतरित की गई है। उसी के आधार पर खेत बनाने का कार्य किया जा रहा है। हालांकि ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि प्लॉट संख्या-1258 की कुल 19 बीघा 4 कट्ठा 16 धुर सरकारी अनाबादी जमीन में से 15 बीघा जमीन आखिर कब और किस प्रक्रिया के तहत हस्तांतरित की गई, इसकी जानकारी गांव के लोगों को नहीं है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।आवेदन में कहा गया है कि यदि हर वर्ष इसी तरह श्मशान घाट की जमीन पर खेती का विस्तार किया गया तो भविष्य में चारों समुदायों के पास अंतिम संस्कार के लिए कोई स्थान नहीं बचेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि श्मशान घाट की लगभग चार बीघा जमीन को सुरक्षित रखते हुए कब्जा हटाने और उचित सीमांकन कराने की कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि सरकार द्वारा वास्तव में 15 बीघा जमीन हस्तांतरित की गई है तो संबंधित पक्ष श्मशान घाट की जमीन छोड़कर अन्य हिस्से में खेती करें, इससे उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी।
इस मामले की प्रतिलिपि अंचलाधिकारी लिट्टीपाड़ा एवं थाना प्रभारी लिट्टीपाड़ा को भी भेजी गई है। आवेदन पर हीरालाल साहा,धीरेन साहा, जगदीश साहा, उत्पल कुमार साहा, नारायण साहा, संजय मंडल, रतन ठाकुर,कैलाश साहा सहित कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर दर्ज हैं।

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