महेशपुर (पाकुड़)। महेशपुर थाना क्षेत्र में वर्ष 2021 में दिव्यांग युवक से हुए विवाद के बाद एक ही परिवार पर किए गए जानलेवा हमले के चर्चित मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-1) कुमार क्रांति प्रसाद की अदालत ने दो आरोपियों को हत्या के प्रयास का दोषी ठहराते हुए आजीवन साधारण कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर आर्थिक दंड भी लगाया गया है। सजा पाने वालों में महेशपुर निवासी खोखन फुलमाली (36) और दुर्गेश फुलमाली (37) शामिल हैं। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक लुकाश कुमार हेम्रम ने प्रभावी पैरवी करते हुए 17 गवाहों के बयान अदालत में प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर न्यायालय ने दोनों को दोषी करार दिया।
यह मामला महेशपुर थाना कांड संख्या 12/2021 एवं सेशन ट्रायल संख्या 113/2021 से संबंधित है। अभियोजन के अनुसार 28 जनवरी 2021 की शाम करीब चार बजे सूचिका पूर्णिमा फुलमाली का दिव्यांग बेटा गौर फुलमाली घर के बाहर खड़ा था। इसी दौरान जय फुलमाली से विवाद शुरू हो गया। शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंची दीपाली दासी के साथ भी कहासुनी हुई। आरोप है कि इसके बाद खोखन फुलमाली, दुर्गेश फुलमाली समेत अन्य लोग लाठी, डंडा, लोहे का सब्बल और हंसुआ लेकर पहुंचे और परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया।
हमले में सूचिका पूर्णिमा फुलमाली, दीपाली दासी, अशोक फुलमाली, राजन फुलमाली, उत्तम दास तथा अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि महिलाओं पर लोहे के सब्बल से सिर पर वार किया गया, जबकि बीच-बचाव करने पहुंचे अन्य पर भी लाठी-डंडों से हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया गया। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने दोनों दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत आजीवन साधारण कारावास एवं 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा धारा 147, 148, 324, 325, 323, 341, 504 और 506 के तहत भी अलग-अलग अवधि के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अदालत ने आदेश दिया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी तथा दोषियों द्वारा न्यायिक हिरासत में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित (सेट ऑफ) किया जाएगा। यह फैसला महेशपुर के चर्चित हमले के मामले में पीड़ित पक्ष के लिए महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय माना जा रहा है।






