प्रशांत मंडल
लिट्टीपाड़ा (पाकुड़)। आजादी के दशकों बाद भी लिट्टीपाड़ा प्रखंड की जामजोड़ी पंचायत का जगतपुर गांव विकास की मुख्यधारा से दूर है। आदिवासी बहुल इस गांव के ग्रामीण आज भी सड़क, बिजली और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कठिन जीवन जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के दावे तो खूब किए जाते हैं, लेकिन उनके गांव तक अब तक सुविधाएं नहीं पहुंच सकी हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव को जोड़ने वाला कच्चा रास्ता बरसात में पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे आवागमन लगभग ठप हो जाता है। ऐसे समय में बीमारों को अस्पताल पहुंचाना और बच्चों का स्कूल जाना बड़ी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नियमित बिजली आपूर्ति नहीं होने से दैनिक जीवन प्रभावित रहता है। वहीं स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ता है। इससे महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से जगतपुर गांव में शीघ्र पक्की सड़क, नियमित बिजली आपूर्ति और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि गांव भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके और ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल सके।








