डीबीएल, बीजीआर एवं ट्रांसपोर्टर के बीच कई मुद्दों पर बनी सहमति।
अमरापाड़ा/पाकुड़ : रविवार को एसडीएम साइमन मारांडी की अध्यक्षता में कोल कंपनियों और ट्रांसपोर्टरों के बीच हुई अहम बैठक में चल रहा गतिरोध समाप्त हो गया। कई दिनों से जारी हड़ताल वार्ता के बाद खत्म कर दी गई। समझौते के तहत कंपनियों ने कोयला परिवहन पर 10 रूपया प्रति टन भाड़ा बढ़ाने पर सहमति जताई है, जो 1 मई से लागू होगी। इस पर बीजीआर और DBL दोनों कंपनियों की सहमति बनी। बैठक में एसडीपीओ विजय कुमार समेत संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधि और ट्रांसपोर्ट यूनियन के पदाधिकारी मौजूद रहे। वार्ता के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी।
समझौते के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
दुर्घटना व क्षतिपूर्ति।
सड़क दुर्घटनाओं और कोयला परिवहन के दौरान होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी अब कंपनियां उठाएंगी। पहले इनका बोझ ट्रांसपोर्टरों पर पड़ता था।
लोडिंग क्षमता पर फैसला।
अगले दो महीनों में संयुक्त बैठक कर यह तय किया जाएगा कि हाइवा वाहनों में निर्धारित टन के अनुसार ही कोयला लोड किया जाए।
कोयला चोरी/उतारने पर प्रावधान
रास्ते में ग्रामीणों द्वारा कोयला उतारने की समस्या पर सहमति बनी कि यदि 2 टन से अधिक कोयला उतरता है, तो उसका भार कंपनी वहन करेगी और 2 टन का भाड़ा वाहन मालिक को दिया जाएगा।
अन्य समस्याओं पर समाधान
तकनीकी व परिचालन से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए कंपनी ने प्रशासन के साथ मिलकर दो माह में कार्रवाई का आश्वासन दिया। ट्रांसपोर्टरों ने बैठक में बाहरी वाहनों पर नियंत्रण और सड़क व्यवस्था सुधारने की मांग भी रखी, जिस पर प्रशासन ने सकारात्मक पहल का भरोसा दिया। समझौते के बाद ट्रांसपोर्ट यूनियन ने हड़ताल समाप्त करने और तत्काल प्रभाव से परिवहन कार्य बहाल करने की घोषणा की। इस समझौते से क्षेत्र में कोयला परिवहन फिर से सामान्य होने की उम्मीद है और कंपनियों व ट्रांसपोर्टरों के बीच बेहतर समन्वय का रास्ता साफ हुआ है।






