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June 14, 2026 12:10 am

दर्द की दास्तां: पैर गंवाने के बाद भी सरकारी मदद का इंतजार, एक साल से आस लगाए बैठे हैं सुजीत।

70% दिव्यांगता प्रमाण पत्र मिला, न पेंशन मिली न ट्राई साइकिल; प्रशासन से लगाई मदद की गुहार।

हिरणपुर (पाकुड़): तेज आंधी में पेड़ गिरने से अपना एक पैर गंवा चुके हिरणपुर प्रखंड के देवपुर गांव निवासी सुजीत मंडल आज भी सरकारी सहायता की राह देख रहे हैं। हादसे को एक साल बीत चुका है, लेकिन अब तक उन्हें किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। सुजीत मंडल ने बताया कि 21 मई 2025 को तेज आंधी के दौरान आम का पेड़ उनके ऊपर गिर गया था। पेड़ के नीचे दबने से उनके पैर की नस गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थी। इलाज के दौरान डॉक्टरों को उनका एक पैर काटना पड़ा। इसके बाद उन्हें 70 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी जारी किया गया। लेकिन प्रमाण पत्र मिलने के बावजूद सुजीत को न तो दिव्यांग पेंशन मिल रही है और न ही चलने-फिरने के लिए ट्राई साइकिल उपलब्ध कराई गई है। उनका कहना है कि आपदा राहत के तहत मिलने वाली सहायता राशि भी अब तक नहीं मिली है।

परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट

सुजीत के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। उनके दो छोटे बेटे हैं, जिनकी उम्र 11 और 6 वर्ष है। पैर गंवाने के बाद परिवार का भरण-पोषण करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है। रोजमर्रा के कामों में भी उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है। सुजीत मंडल ने जिला प्रशासन से दिव्यांगों के लिए मिलने वाली योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है, ताकि वह अपने परिवार का जीवन सम्मान के साथ चला सकें।

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