देवघर/कोलंबो/ भारत ने साउथ एशियन गोल शॉर्ट बॉल चैंपियनशिप के पहले ही संस्करण में दमदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित इस टूर्नामेंट में भारत ने नेपाल, भूटान, मालदीव और मेज़बान श्रीलंका को पछाड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन हर मुकाबले में संतुलित और आक्रामक रहा। टीम के कप्तान देवघर निवासी रौशन कुमार ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए ‘बेस्ट गोलकीपर’ का खिताब अपने नाम किया। उनकी कप्तानी और डिफेंस ने टीम की जीत की नींव मजबूत की। इस ऐतिहासिक जीत में झारखंड, खासकर देवघर के खिलाड़ियों की अहम भूमिका रही। टीम में रौशन कुमार के साथ अविनव कुमार, रोहित कुमार, आयुष रंजन, विश्वास कश्यप, आयुष संतोषी ने शानदार प्रदर्शन किया। वहीं बालिका वर्ग में साक्षी भारद्वाज ने उपकप्तान के रूप में टीम को मजबूती दी। उल्लेखनीय है कि आयुष रंजन देवघर निवासी हैं और स्थानीय पुराण मंडल कोर्ट से जुड़े परिवार से संबंध रखते हैं, जिससे इलाके में खासा उत्साह है। टीम के कोच राजेश रंजन (महासचिव, झारखंड गोल शॉर्ट बॉल संघ) ने कहा कि खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और देवघर के कुमैठा स्टेडियम में लगे विशेष प्रशिक्षण शिविर का यह परिणाम है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय खिलाड़ियों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों और खेलप्रेमियों के सहयोग को दिया।
देवघर में जश्न का माहौल
जीत की खबर मिलते ही देवघर में उत्सव जैसा माहौल बन गया। जसीडीह रेलवे स्टेशन पर खिलाड़ियों का भव्य स्वागत हुआ। इसके बाद स्टेशन से टावर चौक तक शोभायात्रा निकाली गई। सभी खिलाड़ी बाबा धाम पहुंचे और भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। यह जीत न सिर्फ झारखंड, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। साथ ही यह संकेत भी है कि गोल शॉर्ट बॉल जैसे उभरते खेल में भारत अब दक्षिण एशिया में नई पहचान बना रहा है।







