घाटो। टाटा डीएवी पब्लिक स्कूल, भुइयांडीह में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, साहस, नेतृत्व क्षमता एवं टीम भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “डेयर एंड डिस्कवर कार्निवल कैंप” का भव्य शुभारंभ किया गया।


यह शिविर लेम्बडा एडवेंचर के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विद्यार्थियों को रोमांचक एवं कौशल-आधारित गतिविधियों का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि टाटा स्टील डब्ल्यूबीसी घाटोटांड के चीफ सीईपी सह चेयरमैन, आरसीएमएस के अध्यक्ष मोहन महतो एवं विद्यालय की प्राचार्या डॉ. सोनिया तिवारी द्वारा सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर तथा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया।




इससे पूर्व विद्यालय परिवार द्वारा उपस्थित अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। साथ ही बच्चों द्वारा तैयार रचनात्मक चित्रांकन भेंट कर तथा कैप पहनाकर अतिथियों का गर्मजोशी से अभिनंदन किया गया। प्राचार्या डॉ. सोनिया तिवारी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि इस एडवेंचर कैंप के आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व विकास के प्रति जागरूक बनाना है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बच्चे शिक्षा के अतिरिक्त मोबाइल को अपना सबसे बड़ा साथी बना चुके हैं, जिससे उनकी शारीरिक गतिविधियाँ सीमित होती जा रही हैं। ऐसे में इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता एवं सक्रियता विकसित करने का प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, त्वरित निर्णय लेने की योग्यता तथा चुनौतियों का सामना करने का साहस विकसित करना भी अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के एडवेंचर कैंप विद्यार्थियों को अनुशासन, सहयोग, धैर्य एवं आत्मनिर्भरता का पाठ सिखाते हैं। उन्होंने सभी अतिथियों एवं आयोजन दल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को पूरे उत्साह एवं सुरक्षा के साथ गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।




मुख्य अतिथि राजेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि साहस, मानसिक दृढ़ता और टीमवर्क भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभाओं को निखारते हैं तथा उन्हें विपरीत परिस्थितियों में भी सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने विद्यालय द्वारा किए जा रहे इस अभिनव प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह शिविर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा। राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ के अध्यक्ष मोहन महतो ने अपने संबोधन में कहा कि आज की प्रतिस्पर्धात्मक दुनिया में विद्यार्थियों का मानसिक एवं शारीरिक रूप से सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एडवेंचर कैंप विद्यार्थियों के भीतर छिपी संभावनाओं को बाहर लाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने बच्चों को भयमुक्त होकर नई चुनौतियों को स्वीकार करने एवं जीवन में सदैव आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।


साथ ही विद्यालय परिवार की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के नवाचारपूर्ण कार्यक्रम शिक्षा को जीवंत एवं व्यवहारिक बनाते हैं। शिविर के प्रथम दिवस पर विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह के साथ विभिन्न साहसिक गतिविधियों में भाग लिया। इनमें प्रमुख रूप से बर्मा ब्रिज, टायर क्लाइम्बिंग, कमांडो नेट, क्रॉलिंग एवं रैपलिंग जैसी गतिविधियाँ शामिल थीं। प्रशिक्षकों की देखरेख में विद्यार्थियों ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए रोमांचकारी अनुभव प्राप्त किया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, शारीरिक संतुलन, टीम भावना, नेतृत्व कौशल तथा जोखिम प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं का विकास देखने को मिला। विद्यालय परिसर पूरे दिन विद्यार्थियों के उत्साह, ऊर्जा और उमंग से गुंजायमान रहा। कार्यक्रम का संचालन कक्षा 12वीं की छात्रा समृद्धि तिवारी एवं कक्षा 10वीं के छात्र आशीर्वाद मिश्रा ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में पूरे विद्यालय परिवार का सराहनीय योगदान रहा।





