इकबाल हुसैन
महेशपुर (पाकुड़): प्रखंड क्षेत्र के जयपुर पंचायत अंतर्गत पत्थरघटा गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र लंबे समय से अनियमितता का शिकार बना हुआ है। केंद्र पर अक्सर ताला लटका रहता है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सेविका विनीता मरांडी और सहायिका की लगातार अनुपस्थिति के कारण बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा से लेकर गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को मिलने वाली पोषाहार और स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार, आंगनबाड़ी केंद्र सप्ताह में अधिकांश दिन बंद रहता है। कभी-कभार खुलने पर भी सेविका और सहायिका समय पर नहीं पहुंचतीं, जिससे बच्चों को पूर्व-विद्यालयी शिक्षा नहीं मिल पा रही है। वहीं, पोषाहार वितरण भी अनियमित हो गया है। कई बार महिलाएं और बच्चे केंद्र के बाहर घंटों इंतजार करने के बाद मायूस होकर लौट जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में पूर्व में भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि लापरवाही के चलते सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहा है। मामले पर संज्ञान लेते हुए सीडीपीओ नीलू रानी ने कहा कि पत्थरघटा आंगनबाड़ी केंद्र की शिकायत मिली है और तत्काल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में दोषी पाए जाने पर सेविका और सहायिका के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि केंद्र की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई, पोषण और महिलाओं को मिलने वाली सेवाएं सुचारू रूप से बहाल हो सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे उच्च स्तर पर शिकायत करेंगे। गौरतलब है कि आंगनबाड़ी केंद्र समेकित बाल विकास सेवा (ICDS) योजना का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराना है। ऐसे में केंद्र की अनियमितता सीधे तौर पर ग्रामीणों के अधिकारों पर असर डाल रही है।







