पाकुड़: समग्र शिक्षा अभियान के तहत पाकुड़ जिले के सरकारी विद्यालयों में आयोजित तीन दिवसीय समर कैंप का गुरुवार को उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हो गया। 19 मई से 21 मई तक चले इस विशेष आयोजन में जिले के लगभग 990 सरकारी विद्यालयों के हजारों विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समर कैंप के दौरान विद्यालय परिसर बच्चों की ऊर्जा, खेल, योग और रचनात्मक गतिविधियों से गुलजार नजर आए। जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पुरती ने बताया कि कैंप का उद्देश्य बच्चों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और रचनात्मक विकास को नई दिशा देना था। तीन दिनों तक अलग-अलग आयु वर्ग के विद्यार्थियों के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित की गईं, जिससे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यवहारिक और रचनात्मक सीख भी मिल सके। कैंप में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए योग, छोटी दौड़, मेढ़क दौड़, तीन टांग दौड़ और बैलेंस गेम का आयोजन किया गया। वहीं कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों ने रिले दौड़, रस्सी कूद और फिटनेस गतिविधियों में हिस्सा लिया। कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए पुशअप, सिटअप, स्किपिंग और योगाभ्यास जैसी प्रतियोगिताएं कराई गईं।
इसके साथ ही “सृजन के संग बचपन” कार्यक्रम के तहत बच्चों ने मिट्टी, लकड़ी और कागज से खिलौने एवं झारखंडी संस्कृति से जुड़ी कलात्मक वस्तुएं बनाकर अपनी प्रतिभा दिखाई। कैंप में कैरम, लूडो, शतरंज, बॉल गेम और टारगेट थ्रो जैसी प्रतियोगिताएं भी आकर्षण का केंद्र रहीं। कार्यक्रम के दौरान “मेरा विद्यालय एवं साफ-सफाई”, “जल संरक्षण”, “स्वस्थ भारत” और “पर्यावरण का खेल में महत्व” जैसे विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। अंतिम दिन विद्यार्थियों ने स्वदेशी खेल, प्रतिभा प्रदर्शन और अनुभव साझा कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
तीनों दिनों में विद्यालयों में विद्यार्थियों की शानदार भागीदारी देखने को मिली। 19 मई को 984 विद्यालयों में कैंप संचालित हुआ, जबकि 20 और 21 मई को 990 विद्यालयों में आयोजन किया गया। हजारों छात्र-छात्राओं की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि सरकारी विद्यालयों में भी प्रतिभा और उत्साह की कोई कमी नहीं है। समापन अवसर पर शिक्षकों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। विद्यार्थियों ने भी समर कैंप को आनंददायक, प्रेरणादायक और सीख से भरपूर बताते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन उन्हें नई ऊर्जा और आत्मविश्वास देते हैं।







