पाकुड़िया (पाकुड़): प्रखंड पाकुड़िया के शहरपुर गांव में निर्माणाधीन चेकडैम कार्य में अनियमितता की शिकायत पर जिला परिषद अध्यक्ष जूली हेंब्रम ने स्थल निरीक्षण कर कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
स्थानीय ग्रामीणों की शिकायत के बाद किए गए निरीक्षण में यह बात सामने आई कि चेकडैम निर्माण कार्य में कथित तौर पर घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर न तो आवश्यक सूचना बोर्ड लगाया गया है और न ही निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। लाल पत्थर के उपयोग और स्थानीय स्तर पर तैयार सरिया (रॉड) के इस्तेमाल की भी बात सामने आई है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ी आपत्ति यह भी जताई गई कि चेकडैम का निर्माण स्थान भी तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं बताया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान जिला परिषद अध्यक्ष जूली हेंब्रम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल माइनर इरिगेशन विभाग के कार्यपालक अभियंता से फोन पर बात की। उन्होंने कार्य की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए स्पष्ट जवाब मांगा। इस पर अभियंता ने आश्वासन दिया कि निर्माण स्थल का निरीक्षण कराया जाएगा और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो कार्य रोककर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, चेकडैम निर्माण जैसे जल संरक्षण कार्यों में निर्धारित तकनीकी मानकों और स्वीकृत डिज़ाइन का पालन अनिवार्य होता है, ताकि संरचना टिकाऊ और उपयोगी बनी रहे। किसी भी प्रकार की लापरवाही या मानक उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई का प्रावधान है।
जिला परिषद अध्यक्ष जूली हेंब्रम ने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की पूरी जानकारी जिला प्रशासन (DC) को दी जाएगी और उच्च स्तरीय जांच की मांग की जाएगी। स्थानीय ग्रामीणों में भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर नाराजगी देखी जा रही है और वे पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।








