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June 6, 2026 11:33 pm

मतदाता सूची की शुद्धता ही लोकतंत्र की मजबूती की पहचान: डीईओ।

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 को लेकर बीएलओ एवं बीएलओ पर्यवेक्षकों का व्यापक प्रशिक्षण सम्पन्न

त्रुटिरहित, अद्यतन एवं विश्वसनीय मतदाता सूची निर्माण के लिए बीएलओ निभाएं सक्रिय भूमिका

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के सफल क्रियान्वयन को लेकर शनिवार को रविंद्र भवन टाउन हॉल, पाकुड़ में बीएलओ एवं बीएलओ पर्यवेक्षकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मेघा भारद्वाज, पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी सह अपर समाहर्ता, लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी, महेशपुर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी सह भूमि सुधार उप समाहर्ता तथा सभी विधानसभा क्षेत्रों के सहायक निर्वाची पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 निर्वाचन प्रक्रिया की अत्यंत महत्वपूर्ण गतिविधि है, जिसका उद्देश्य त्रुटिरहित, अद्यतन एवं शुद्ध मतदाता सूची तैयार करना है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में केवल पात्र मतदाताओं के नाम शामिल हों तथा अपात्र व्यक्तियों के नाम सूची से हटाए जाएं, यह सुनिश्चित करना बीएलओ एवं बीएलओ पर्यवेक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उपायुक्त ने कहा कि मतदाता सूची किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है और उसकी शुद्धता एवं विश्वसनीयता ही लोकतंत्र की मजबूती की पहचान है। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी कर्मियों से कहा कि वे मास्टर ट्रेनरों द्वारा दी जा रही जानकारी को गंभीरता से समझें तथा किसी भी प्रकार की शंका या जिज्ञासा का समाधान प्रशिक्षण के दौरान ही प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि सभी कर्मियों को आत्मविश्वास, दक्षता एवं जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पात्रता संबंधी मानकों, आवश्यक दस्तावेजों तथा विभिन्न प्रपत्रों की जानकारी का सही अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन मतदान केंद्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए, जहां मतदाता सूची में त्रुटियों अथवा विसंगतियों की संभावना अधिक है। उपायुक्त ने कहा कि एसआईआर कार्य को पूरी गंभीरता, निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ संपादित किया जाना चाहिए। विशेष रूप से नाम विलोपन की कार्रवाई से पूर्व सभी तथ्यों एवं प्रमाणों का समुचित सत्यापन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचा जाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्यों में केवल व्यक्तिगत परिचय अथवा स्थानीय जानकारी के आधार पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता। प्रत्येक कार्रवाई निर्धारित नियमों, दिशा-निर्देशों एवं दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर ही की जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचाने के लिए आवश्यक जागरूकता सामग्री, मार्गदर्शिका तथा ऑडियो-वीडियो सूचना सामग्री तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक मतदाता एवं संबंधित कर्मी प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझ सकें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 की प्रक्रिया, प्रपत्रों के निष्पादन, पात्र एवं अपात्र मतदाताओं की पहचान, नाम जोड़ने, संशोधन एवं विलोपन की प्रक्रिया सहित विभिन्न तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। महेशपुर विधानसभा क्षेत्र के सहायक निर्वाची पदाधिकारी सह मास्टर ट्रेनर डॉ. सिद्धार्थ शंकर यादव ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के संबंध में प्रशिक्षण के दौरान पुनरीक्षण प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण-पूर्व गतिविधियों का चरण 29 जून 2026 तक चलेगा, जिसके अंतर्गत तार्किक त्रुटियों का निराकरण, मतदान केंद्रों के युक्तिकरण की तैयारी तथा पूर्व गहन पुनरीक्षण से संबंधित अभिलेखों का सत्यापन किया जाएगा।उन्होंने बताया कि प्रारूप प्रकाशन से पूर्व 05 अगस्त 2026 तक गणना प्रपत्र (Enumeration Form) के माध्यम से वर्तमान मतदाताओं की गणना की जाएगी। प्राप्त गणना प्रपत्रों के आधार पर मतदान केंद्रों का युक्तिकरण तथा प्रारूप मतदाता सूची तैयार की जाएगी। इसके उपरांत 05 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। डॉ. यादव ने बताया कि प्रारूप प्रकाशन के बाद 05 अगस्त 2026 से 04 सितंबर 2026 तक दावा एवं आपत्ति की अवधि निर्धारित है। इस दौरान नए नाम जोड़ने हेतु प्रपत्र-6, आपत्ति दर्ज करने हेतु प्रपत्र-7 तथा मतदाता सूची में प्रविष्टियों के सुधार हेतु प्रपत्र-8 का उपयोग किया जाएगा। सभी दावों एवं आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गणना प्रपत्र दो चरणों में प्राप्त होंगे। प्रथम चरण में प्रत्येक मतदान केंद्र के प्रथम 300 मतदाताओं तथा दूसरे चरण में शेष मतदाताओं के लिए गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। गणना प्रपत्र का कुछ भाग पूर्व से मुद्रित रहेगा, जिसकी बीएलओ द्वारा जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि बीएलओ घर-घर जाकर प्रत्येक मौजूदा मतदाता को दो प्रतियों में गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे तथा उन्हें प्रपत्र भरने के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन देंगे। इसके बाद बीएलओ पुनः घर-घर जाकर भरा हुआ एक गणना प्रपत्र प्राप्त करेंगे तथा दूसरी प्रति पर पावती रसीद प्रदान करेंगे। एकत्रित गणना प्रपत्रों को बीएलओ प्रतिदिन BLO App/ECI Net पर अपलोड करेंगे। मतदाता भी इच्छानुसार अपने प्रपत्र एवं आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे। डॉ. यादव ने तार्किक त्रुटियों (Logical Errors) के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि BLO App में मैप किए गए मतदाता के नाम के सामने आंख का चिन्ह दिखाई देने पर कुछ विसंगतियां हो सकती हैं। इनमें बच्चों की आयु में नौ माह से कम का अंतर, माता-पिता एवं बच्चों की आयु में असामान्य अंतर, एक व्यक्ति का छह से अधिक बच्चों के साथ मैप होना, नाम अथवा संबंधी के नाम में त्रुटि, पिता के स्थान पर पति का नाम दर्ज होना अथवा अन्य पारिवारिक विवरणों में विसंगति शामिल हैं। उन्होंने बीएलओ को ऐसी त्रुटियों की जांच कर यथासंभव सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
प्रशिक्षण के दौरान गणना प्रपत्र एवं घोषणा पत्र के साथ संलग्न किए जाने वाले आवश्यक दस्तावेजों की भी विस्तृत जानकारी दी गई। इनमें सरकारी पहचान पत्र, पेंशन भुगतान आदेश, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि अथवा मकान आवंटन प्रमाण पत्र तथा आधार कार्ड सहित अन्य मान्य दस्तावेज शामिल हैं। निर्वाचन कार्यालय के कर्मी ओंकार कुमार ने भी प्रशिक्षण सत्र के दौरान बीएलओ एवं बीएलओ पर्यवेक्षकों को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 से संबंधित विभिन्न तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने गणना प्रपत्रों के वितरण एवं संग्रहण, BLO App एवं ECI Net पर डेटा अपलोड करने की प्रक्रिया, दस्तावेज सत्यापन, दावा एवं आपत्ति से संबंधित प्रावधानों तथा निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बीएलओ एवं बीएलओ पर्यवेक्षकों द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर अपनी शंकाएं एवं जिज्ञासाएं प्रस्तुत की गईं। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने सभी शंकाओं का विस्तारपूर्वक समाधान करते हुए पुनरीक्षण प्रक्रिया, गणना प्रपत्र, घर-घर सत्यापन, दावा-आपत्ति एवं मतदाता सूची अद्यतन से जुड़े सभी पहलुओं पर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। साथ ही उन्होंने सभी बीएलओ को निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप सावधानीपूर्वक, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से कार्य संपादित करने का निर्देश दिया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों, बीएलओ पर्यवेक्षकों एवं बीएलओ ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने तथा जिले में एक शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने के लिए पूर्ण निष्ठा, समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।

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