जाति, आय और निवास प्रमाण-पत्र के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे कार्यालयों के चक्कर, 17 जून तक चल रहा विशेष शिविर
पाकुड़। सरकारी प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए ग्रामीणों को अब दफ्तरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। जिला प्रशासन ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए पंचायत स्तर पर ही जाति, आय और स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू कर दी है। 15 से 17 जून तक जिलेभर में चल रहे विशेष प्रमाण-पत्र शिविरों में ग्रामीणों के आवेदन लिए जा रहे हैं और जांच-सत्यापन के बाद उनका त्वरित निष्पादन किया जा रहा है। उपायुक्त मेघा भारद्वाज के निर्देश पर आयोजित इन शिविरों में सुबह से ही ग्रामीण पहुंच रहे हैं। शिविर में आवेदन जमा करने से लेकर दस्तावेजों की जांच और सत्यापन तक की प्रक्रिया एक ही स्थान पर पूरी की जा रही है। इससे लोगों को समय की बचत के साथ अनावश्यक परेशानी से भी राहत मिल रही है। प्रशासन की इस पहल का सबसे अधिक फायदा छात्रों, युवाओं और सरकारी योजनाओं के लाभुकों को मिल रहा है। प्रमाण-पत्र के अभाव में जिन लोगों के जरूरी काम अटक जाते थे, उन्हें अब पंचायत स्तर पर ही सुविधा मिल रही है। वरीय अधिकारियों ने विभिन्न पंचायतों में पहुंचकर शिविरों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त आवेदनों का निष्पादन प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। कई मामलों में मौके पर ही जांच पूरी कर समाधान किया जा रहा है। उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि नागरिक सेवाएं लोगों तक आसानी से पहुंचे। प्रमाण-पत्र के लिए किसी भी पात्र व्यक्ति को कार्यालयों का अनावश्यक चक्कर न लगाना पड़े, इसी उद्देश्य से पंचायत स्तर पर यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।









