स्वस्थ भारत के संकल्प को लेकर आयुष विभाग सक्रिय, सुबह-शाम योगाभ्यास कर रहे बच्चे, युवा और बुजुर्ग
पाकुड़। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर जिले में योग को लेकर उत्साह बढ़ गया है। लोगों को स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने और योग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आयुष विभाग की ओर से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष योग शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। सुबह और शाम आयोजित हो रहे इन शिविरों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर योगाभ्यास कर रहे हैं। आयुष विभाग के निर्देश पर योग प्रशिक्षकों को अलग-अलग केंद्रों की जिम्मेदारी दी गई है। योगाचार्य संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि जिला मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम प्रबंधक (आयुष) के संयुक्त प्रयास से सभी योग प्रशिक्षकों को दो-दो केंद्रों पर नियमित योग प्रशिक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को योग से जोड़ना और स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूक करना है।
रानी ज्योतिर्मयी स्टेडियम में मुख्य सत्र, कई केंद्रों पर हो रहा नियमित अभ्यास
जिले में सुबह 6 बजे से 7 बजे तक रानी ज्योतिर्मयी स्टेडियम में मुख्य योग सत्र आयोजित किया जा रहा है। इसके अलावा शाम के समय भी विभिन्न केंद्रों पर योगाभ्यास कराया जा रहा है। योग भवन, कस्तूरबा विद्यालय, जिदातो बालिका छात्रावास, मंगलपाड़ा विद्यालय सहित कई सरकारी व निजी संस्थानों में शिविर चल रहे हैं। वहीं इस्कॉन मंदिर, सिंह वाहिनी मंदिर, शिव शीतला मंदिर और मां मनसा मंदिर में भी लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं।
बीमारियों के अनुसार कराए जा रहे विशेष योगाभ्यास
शिविरों में लोगों की शारीरिक जरूरतों और स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग योगासन और प्राणायाम का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बच्चों और विद्यार्थियों को शरीर की लचक, एकाग्रता और याददाश्त बढ़ाने वाले अभ्यास कराए जा रहे हैं। मधुमेह रोगियों के लिए मंडूकासन, अर्ध मत्स्येंद्रासन, कपालभाति और धनुरासन जैसे अभ्यास पर जोर दिया जा रहा है। थायराइड नियंत्रण के लिए उज्जाई प्राणायाम, सिंहासन, सर्वांगासन और हलासन का अभ्यास कराया जा रहा है। मानसिक तनाव और एकाग्रता बढ़ाने के लिए अनुलोम-विलोम व भ्रामरी प्राणायाम सिखाया जा रहा है। वहीं कमर और रीढ़ की समस्या से परेशान लोगों को भुजंगासन, मर्कटासन और शलभासन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। योगाचार्य संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि शिविरों में लोगों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। योग भारतीय ऋषि परंपरा की महत्वपूर्ण देन है, जो शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने में सहायक है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे इन योग शिविरों में शामिल होकर स्वस्थ जीवन की दिशा में कदम बढ़ाएं।








