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July 4, 2026 9:49 pm

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे पर आदिवासी संगठन सख्त, सीओ के साथ बैठक की मांग।

इकबाल हुसैन

महेशपुर: सरकारी ग्राम भूमि पर कथित अवैध कब्जे और उसे बेचने की कोशिशों को लेकर आदिवासी पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था से जुड़े प्रतिनिधियों ने गहरी चिंता जताई है। शनिवार को महेशपुर पंचायत प्रशिक्षण केंद्र में प्रखंड अध्यक्ष जितेंद्र मुर्मू की अध्यक्षता में आयोजित प्रखंड स्तरीय बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करते हुए प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की गई। बैठक में प्रखंड के ग्राम प्रधान, गुड़ित, परामाणिक, जोगमाझी, कुड़ाम नायके सहित पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अनुसूचित क्षेत्रों में जाति, निवास एवं पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र जारी करने से पूर्व संबंधित ग्राम प्रधान की अनुशंसा को अनिवार्य किया जाए, ताकि प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और स्थानीय व्यवस्था के अनुरूप हो। बैठक में संगठन के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व आदिवासी ग्रामीणों को गुमराह कर सरकारी ग्राम भूमि पर कब्जा करने और उसकी खरीद-बिक्री कराने का प्रयास कर रहे हैं। इससे गांवों में विवाद और अशांति की स्थिति उत्पन्न हो रही है। संगठन का कहना है कि इस संबंध में प्रशासन को पहले भी अवगत कराया गया, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में अंचल अधिकारी के साथ विशेष बैठक आयोजित कर पूरे मामले पर ठोस पहल करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में पेसा अधिनियम को लेकर भी चर्चा हुई। संगठन ने मांग की कि वर्तमान व्यवस्था में आवश्यक संशोधन कर इसे 1996 की मूल भावना के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, ताकि अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक अधिकारों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। बैठक में बबलू मरांडी, कीस्टु मुर्मू, मरकुस हेम्ब्रम, निस्पेटर मुर्मू, मरियम हेम्ब्रम, अनीता मरांडी, बीवियाना मुर्मू सहित कई पारंपरिक प्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

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