राजकुमार भगत
पाकुड़। भगवान जगन्नाथ की पावन रथयात्रा और ऐतिहासिक रथ मेले को लेकर पाकुड़ पूरी तरह उत्सव के रंग में रंग गया है। 16 जुलाई को राजापाड़ा स्थित राजबाड़ी प्रांगण से भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धालुओं की मौजूदगी में निकाली जाएगी। इसी दिन सुबह 10 बजे ऐतिहासिक रथ मेले का विधिवत शुभारंभ होगा। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और मनोरंजन के इस महापर्व को लेकर जिले के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के लोगों में भी जबरदस्त उत्साह है। मेला संचालक काजल शाह और अविनाश यादव ने बताया कि इस वर्ष मेले को पहले की तुलना में अधिक भव्य और आकर्षक स्वरूप दिया गया है। बच्चों, युवाओं और परिवारों के मनोरंजन के लिए जलपरी शो, विशाल ब्रेक डांस झूला, ड्रैगन ट्रेन, नगर डोला, मिनी ट्रेन, नाव, जादू शो और सर्कस जैसे कई आकर्षण तैयार किए गए हैं। सर्कस का प्रदर्शन पहले ही शुरू हो चुका है और लोगों की अच्छी भीड़ उमड़ रही है।
मेले में पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों से आए व्यापारी घरेलू उपयोग की वस्तुएं, हस्तशिल्प, सजावटी सामान, कपड़े, खिलौने और पूजा सामग्री की दुकानें लगाएंगे। वहीं खान-पान के शौकीनों के लिए भोले चाट, मसाला डोसा, गुपचुप, आइसक्रीम, मिठाइयों और अन्य व्यंजनों के स्टॉल भी सजाए गए हैं।
मेला व्यवस्थापक सुजीत सरकार ने बताया कि उद्घाटन समारोह में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुमार गौरव, नगर परिषद अध्यक्ष साबरी पाल तथा समाजसेवी सुरेश अग्रवाल फीता काटकर मेले का शुभारंभ करेंगे। उन्होंने जिलेवासियों से परिवार के साथ मेले में पहुंचकर इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनने की अपील की।
रथयात्रा और मेले को लेकर प्रशासन और आयोजन समिति ने सुरक्षा एवं सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं। स्वयंसेवकों की विशेष टीम पूरे मेले में तैनात रहेगी और पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर व्यवस्था संभालेगी। यातायात नियंत्रण, पेयजल, चिकित्सा, साफ-सफाई और पार्किंग की भी विशेष व्यवस्था की गई है। आयोजन समिति ने लोगों से स्वच्छता बनाए रखने, छोटे बच्चों पर विशेष नजर रखने तथा अपने वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़े करने की अपील की है। आयोजकों का कहना है कि पाकुड़ का ऐतिहासिक रथ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जिले की सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय व्यापार का सबसे बड़ा वार्षिक उत्सव है।





