पाकुड़। शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार को चिकित्सा कर्मचारी संघ के बैनर तले आउटसोर्सिंग कर्मियों की बैठक आयोजित की गई। संघ की अध्यक्ष नीलम नीलू मुर्मू की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में एएनएम-जीएनएम संघ की सचिव इंदु ठाकुर और झारखंड चिकित्सा जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के गोपाल कुमार सहित कई कर्मचारी शामिल हुए। बैठक में कर्मचारियों ने समय पर वेतन नहीं मिलने, ईपीएफ की राशि जमा नहीं होने और कार्यस्थल पर कथित अभद्र व्यवहार सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर नाराजगी जताई।
कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से वेतन और मानदेय के भुगतान में देरी हो रही है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सितंबर 2025 से वेतन से ईपीएफ की राशि काटे जाने के बावजूद संबंधित खातों में समय पर राशि जमा नहीं किए जाने की शिकायत भी की गई। कर्मचारियों ने बताया कि इस मामले को लेकर पूर्व में सिविल सर्जन को भी अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। बैठक में वेतन से 18 प्रतिशत जीएसटी कटौती किए जाने के मुद्दे पर भी कर्मचारियों ने आपत्ति जताई। इसके अलावा, प्रभारी पर कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट किए जाने के आरोपों को लेकर भी आक्रोश व्यक्त किया गया। कर्मचारियों ने कहा कि नवंबर 2025 से ईपीएफ को लेकर समस्या बनी हुई है और इसकी लिखित शिकायत सिविल सर्जन एवं उपायुक्त से भी की जा चुकी है। प्रशासन की ओर से समाधान का आश्वासन मिलने के बावजूद निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी ईपीएफ की राशि जमा नहीं होने की बात कही गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय और जिला प्रशासन को पुनः ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर कर्मचारी आगे आंदोलन की रणनीति तय करेंगे।






