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August 9, 2026 2:05 pm

नबीनगर स्कूल के एचएम ने छुट्टी के दिन श्रमदान कर भरे जर्जर सड़क के जानलेवा गड्ढे, दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने की पहल

पाकुड़: पाकुड़-राजग्राम मुख्य मार्ग पर बाहिरग्राम कांटा के समीप जर्जर सड़क और जानलेवा गड्ढों से परेशान लोगों की सुविधा के लिए नबीनगर उत्क्रमित उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक शमशेर आलम ने रविवार की छुट्टी के दिन एक अनोखी मिसाल पेश की। उन्होंने किसी प्रशासनिक मदद का इंतजार किए बिना, मजदूर के साथ मिलकर खुद श्रमदान किया और सड़क के खतरनाक गड्ढों को भरवाया।बताते चलें कि यह मुख्य मार्ग झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ता है। इस पथ से न केवल मालपहाड़ी पत्थर उद्योग क्षेत्र से पत्थर लदे वाहन गुजरते हैं, बल्कि गंभीर मरीजों को रेफर किए जाने पर इसी रास्ते से पश्चिम बंगाल ले जाया जाता है। सरकार को इस मार्ग से भारी मात्रा में रॉयल्टी मिलती है, लेकिन इसके बावजूद सड़क की हालत अत्यंत दयनीय बनी हुई है और आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।

खुद दुर्घटना से बचे, तो लिया श्रमदान का संकल्प

प्रधानाध्यापक शमशेर आलम ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया, “एक दिन बारिश के दौरान इसी रास्ते से गुजरते समय मेरी बाइक का पहिया गड्ढे में उतर गया था। उस दिन मैं दुर्घटना से बाल-बाल बचा, लेकिन मुझे अहसास हुआ कि अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो किसी भी दिन किसी बड़ी दुर्घटना में किसी की जान जा सकती है।”
उन्होंने आगे कहा, “रविवार की छुट्टी का उपयोग समाजहित में करने के उद्देश्य से मैंने खुद कुदाल उठाई और मजदूर के सहयोग से गड्ढे भरवाए। केवल अपने लिए जीना ही जीवन नहीं है, समाज के प्रति भी हमारी कुछ जिम्मेदारियां हैं। गीता में भी कहा गया है— ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’, यानी कर्म करते रहो और फल की चिंता मत करो।”
प्रधानाध्यापक ने स्थानीय युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों से भी अपील की कि वे आगे आएं और ऐसे सामाजिक कार्यों में अपनी भागीदारी निभाएं, ताकि हादसों को रोका जा सके।

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