तिरंगे और इस्लामिक झंडों के साथ शहर की सड़कों पर उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब, अमन-भाईचारे का दिया संदेश
पाकुड़। पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जन्मदिन के अवसर पर बुधवार को पाकुड़ शहर में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी पूरे अकीदत, उत्साह और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर अकीदतमंदों ने भव्य मोहम्मदी जुलूस निकाला। जुलूस में बच्चे, युवा, बुजुर्ग समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान शहर की सड़कें नबी की आमद की खुशी और धार्मिक नारों से गूंजती रहीं। मोहम्मदी जुलूस गांधी चौक से शुरू होकर ताजिया चौक, अंबेडकर चौक और हाटपाड़ा होते हुए रेल फाटक के रास्ते वापस ताजिया चौक पहुंचा, जहां इसका समापन हुआ। जुलूस के दौरान जगह-जगह लोगों ने स्वागत किया। अकीदतमंदों में खासा उत्साह देखने को मिला।

तिरंगे के साथ दिखा देशप्रेम और भाईचारे का संदेश
जुलूस की खास बात यह रही कि बड़ी संख्या में युवा हाथों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर शामिल हुए। इसके साथ इस्लामिक झंडे भी लहराते नजर आए। तिरंगे और धार्मिक झंडों के साथ निकले जुलूस ने धार्मिक आस्था के साथ देशप्रेम, अमन और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी उत्साहपूर्वक जुलूस में शामिल रहे। ईद मिलादुन्नबी को लेकर शहर के कई इलाकों में लोगों ने अपने घरों और वाहनों को भी सजाया। घरों और वाहनों पर इस्लामिक झंडे लगाए गए। सुबह से ही शहर में पर्व का माहौल बना रहा और लोगों ने एक-दूसरे को ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी।

पैगंबर की शिक्षाओं को जीवन में उतारने का संदेश
समाजसेवी हाजी तनवीर आलम ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी मुसलमानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण दिन है। पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का जीवन पूरी इंसानियत को प्रेम, शांति, भाईचारे, इंसाफ और मानवता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि यह दिन केवल खुशी मनाने का अवसर नहीं, बल्कि पैगंबर साहब की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने और समाज में मोहब्बत, अमन व भाईचारे को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
जुलूस के दौरान चौक-चौराहों और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती रही। शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुए जुलूस ने पाकुड़ की सामाजिक एकता और भाईचारे की तस्वीर पेश की।







