मतों के आंकड़े पर विवाद के बाद स्कूल प्रबंधन और ग्रामीणों ने उठाई दोबारा चुनाव की मांग, बीईईओ को जांच के लिए दिया आवेदन
पाकुड़। सदर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय रणडांगा में शनिवार को विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के गठन के लिए कराई गई चुनाव प्रक्रिया मतों के आंकड़े में अंतर सामने आने के बाद विवादों में घिर गई। मतदान के बाद मतगणना में कुल 337 मतपत्र मिलने की बात सामने आई, जबकि मतदाता रजिस्टर में 331 तक क्रमांक दर्ज होने का दावा किया गया है। मतों की संख्या में अंतर को लेकर उम्मीदवारों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया। जानकारी के अनुसार, एसएमसी गठन के लिए चार उम्मीदवारों के बीच मतदान कराया गया। मतगणना में हबीबुर शेख को 117, सफीकुल शेख को 113, अजीबुल शेख को 9 और साबरुल शेख को 98 मत मिलने की बात प्रधानाध्यापक द्वारा प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को दिए आवेदन में दर्ज की गई है। चारों उम्मीदवारों को मिले मतों का कुल योग 337 है।
मतगणना के दौरान मतपत्रों की संख्या और विद्यालय के मतदाता रजिस्टर में दर्ज संख्या में अंतर सामने आने के बाद मामला गरमा गया। ग्रामीणों और अभिभावकों ने विद्यालय परिसर के बाहर विरोध जताते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि समिति का गठन पूरी तरह पारदर्शी और नियमानुसार होना चाहिए, ताकि किसी भी पक्ष को आपत्ति का अवसर नहीं मिले।
दोबारा चुनाव कराने की मांग
विवाद के बाद ग्रामीणों एवं विद्यालय प्रबंधन की ओर से नियमानुसार दोबारा विद्यालय प्रबंधन समिति का चुनाव कराने की मांग उठाई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब मतपत्रों और मतदाता रजिस्टर की संख्या में अंतर सामने आया है तो पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराकर नए सिरे से चुनाव कराया जाए। इससे समिति के गठन को लेकर किसी प्रकार का विवाद या संदेह नहीं रहेगा। मामले को लेकर विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, पाकुड़ को लिखित आवेदन देकर पूरे प्रकरण की जांच कराने का अनुरोध किया है। आवेदन में मतदान और मतगणना के दौरान सामने आए मतों के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि कुल मतों की संख्या मतदाता रजिस्टर से मेल नहीं खाने के कारण उम्मीदवारों के बीच विवाद उत्पन्न हुआ। अब शिक्षा विभाग की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि मतों की संख्या में अंतर कैसे आया। ग्रामीणों और स्कूल प्रबंधन ने मांग की है कि जांच के बाद नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करते हुए पारदर्शी तरीके से दोबारा एसएमसी चुनाव कराया जाए।






