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September 3, 2026 4:07 pm

नेत्रदान: मृत्यु के बाद भी किसी की जिंदगी में भर सकता है उजाला

41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े में सीएचसी अमड़ापाड़ा चला रहा जागरूकता अभियान

अमर भगत।

अमड़ापाड़ा/पाकुड़। देशभर में 41वां राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा 25 अगस्त से 8 सितंबर 2026 तक मनाया जा रहा है। इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अमड़ापाड़ा द्वारा भी क्षेत्र के लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक करने और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को नेत्रदान का संकल्प लेने के लिए प्रेरित करना है। नेत्रदान एक ऐसा पुनीत कार्य है, जिसके माध्यम से व्यक्ति मृत्यु के बाद भी किसी के जीवन में रोशनी ला सकता है। भारत में लाखों लोग कॉर्नियल अंधत्व के कारण दृष्टिहीनता का जीवन जीने को मजबूर हैं। ऐसे लोगों के लिए नेत्रदान उम्मीद की नई किरण बन सकता है। एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो जरूरतमंद लोगों को दृष्टि मिलने की संभावना होती है।

हर उम्र और वर्ग के लोग कर सकते हैं नेत्रदान

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अमड़ापाड़ा द्वारा लोगों को बताया जा रहा है कि नेत्रदान के लिए उम्र, लिंग, धर्म या जाति कोई बाधा नहीं है। चश्मा पहनने वाले व्यक्ति, मधुमेह अथवा उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोग भी नेत्रदान कर सकते हैं। हालांकि कुछ गंभीर संक्रमण और विशेष चिकित्सकीय स्थितियों में नेत्रदान संभव नहीं होता।

मृत्यु के बाद 6 से 8 घंटे के भीतर जरूरी है सूचना

नेत्रदान की प्रक्रिया सरल, सुरक्षित और पूरी तरह निःशुल्क है। मृत्यु के बाद सामान्यतः 6 से 8 घंटे के भीतर नेत्र बैंक की टीम द्वारा कॉर्निया प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी की जाती है। यह प्रक्रिया लगभग 15 से 20 मिनट में संपन्न हो जाती है और इससे चेहरे की बनावट पर कोई विकृति नहीं आती। परिवार को इसके लिए किसी प्रकार का आर्थिक खर्च भी नहीं उठाना पड़ता।

भ्रांतियों और अंधविश्वास से दूर रहने की अपील

नेत्रदान को लेकर समाज में आज भी कई भ्रांतियां मौजूद हैं। कुछ लोग इसे शरीर के अंग-भंग से जोड़ते हैं, जबकि कुछ लोग पुनर्जन्म से संबंधित अंधविश्वासों के कारण नेत्रदान से दूरी बनाते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से ऐसी भ्रांतियों पर विश्वास नहीं करने और वैज्ञानिक तथ्यों को समझने की अपील की है। नेत्रदान को मानव सेवा और जरूरतमंद की सहायता का एक महान कार्य बताया गया है।

अमड़ापाड़ा के लोगों से नेत्रदान का संकल्प लेने की अपील

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अमड़ापाड़ा ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे नेत्रदान के प्रति जागरूक बनें और स्वयं भी इसका संकल्प लें। किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर परिजन समय रहते नेत्र बैंक अथवा नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को सूचना दें, ताकि कॉर्निया को सुरक्षित रूप से जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रक्रिया की जा सके। राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अमड़ापाड़ा द्वारा जागरूकता शिविर, रैली और परामर्श के माध्यम से लोगों को नेत्रदान के महत्व की जानकारी दी जा रही है।
नेत्रदान केवल आंखों का दान नहीं, बल्कि किसी अंधेरे जीवन में रोशनी लौटाने का अवसर है। आइए, इस पुनीत कार्य का संकल्प लें—आज हमारा एक निर्णय, कल किसी की पूरी दुनिया रोशन कर सकता है।

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