पाकुड़। विद्यालयों में बाहरी लोगों के प्रवेश और सूचना-फोटो उपलब्ध कराने को लेकर जारी शिक्षा विभाग के निर्देश पर उठे सवालों के बीच उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने शुक्रवार को स्थिति स्पष्ट कर दी। स्थानीय पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत में डीसी ने कहा कि स्थानीय अधिकृत पत्रकारों के लिए स्कूलों की रिपोर्टिंग पर कोई रोक नहीं है। निर्देश का उद्देश्य स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बनाए रखना और असामाजिक तत्वों के प्रवेश को रोकना है। पत्रकारों ने डीसी को बताया कि स्कूलों में मध्याह्न भोजन, शिक्षकों की अनुपस्थिति, जर्जर भवन, पेयजल, शौचालय, बिजली व बच्चों की पढ़ाई जैसी जनहित से जुड़ी समस्याओं की वास्तविक स्थिति सामने लाना जरूरी है। इस पर उपायुक्त ने मामले को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी से बात करने की बात कही।
DEO के फोन नहीं उठाने की शिकायत पर भी डीसी सख्त
प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा पदाधिकारी के फोन नहीं उठाने की शिकायत भी रखी। इस पर डीसी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों और आम लोगों के फोन का जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने DEO को इस संबंध में निर्देश देने की बात कही। डीसी ने बताया कि हाल में दूसरे जिले के एक विद्यालय की घटना को पाकुड़ के विद्यालय से जोड़कर प्रस्तुत किए जाने की स्थिति सामने आई थी। इसी संदर्भ में शिक्षा विभाग की ओर से निर्देश जारी किया गया था।
पत्रकारों ने उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर विद्यालयों में सुरक्षा व अनुशासन के साथ पारदर्शिता और स्वतंत्र पत्रकारिता के बीच संतुलन बनाए रखने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में प्रीतम सिंह यादव, सतनाम सिंह, सुदीप त्रिवेदी, बलराम ठाकुर, सन्नी दत्ता समेत अन्य पत्रकार शामिल थे।
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