डीसी मेघा भारद्वाज ने किया शुभारंभ, तीन मार्गदर्शिका पुस्तिकाओं का विमोचन; प्रशासन और फिलो एडटेक के बीच एमओयू
पाकुड़। रविंद्र भवन टाउन हॉल में शनिवार को जिला प्रशासन की पहल ‘नव दिशा पाकुड़’ का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने किया। इस दौरान ‘नन्हे नागरिकों की मार्गदर्शिका’, ‘विद्यार्थियों की मार्गदर्शिका’ और ‘हम और जेंडर’ सेंसिटाइजेशन मॉड्यूल का विमोचन किया गया। शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों के प्रभावी संचालन के लिए जिला प्रशासन और फिलो एडटेक के बीच एमओयू भी हुआ। डीसी ने कहा कि ‘नव दिशा पाकुड़’ सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में अनुशासन, जिम्मेदारी, आत्मविश्वास, संस्कार, रचनात्मकता और बेहतर नागरिक बनने की भावना विकसित करना है। स्कूल की संपत्ति को अपनी संपत्ति समझकर उसकी देखभाल करने की आदत भी विद्यार्थियों में विकसित की जाएगी।
JAC के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी
डीसी ने बताया कि सीमित शिक्षकीय संसाधनों वाले स्कूलों के विद्यार्थियों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग देने का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत 24×7 लाइव इंटरएक्टिव क्लास, बाहरी शिक्षकों व विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और करियर काउंसलिंग की सुविधा मिलेगी। लक्ष्य JAC पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराने के साथ विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़ा लक्ष्य तय कर नियमित मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की अपील की। कहा कि इंटरनेट ज्ञान का बड़ा माध्यम है, लेकिन उसका उपयोग सही दिशा और मार्गदर्शन के साथ होना चाहिए।
जेंडर समानता और व्यवहारिक शिक्षा पर जोर
‘नव दिशा पाकुड़’ में जेंडर सेंसिटाइजेशन को भी प्रमुखता दी गई है। स्कूलों में गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में समानता, सम्मान और संवेदनशीलता की भावना विकसित की जाएगी। पूरे वर्ष साइंस एग्जिबिशन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, वाद-विवाद, निबंध, स्वच्छता, सड़क सुरक्षा और जागरूकता से जुड़ी गतिविधियां आयोजित होंगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पूर्ति ने कहा कि यह एक अम्ब्रेला स्कीम है, जिसके तहत कक्षा 1 से 12वीं तक विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर काम किया जाएगा। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारी, प्रधानाध्यापक, शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।







