इकबाल हुसैन
महेशपुर (पाकुड़)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महेशपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं और साफ-सफाई की बदहाल स्थिति मरीजों की परेशानी बढ़ा रही है। मंगलवार को अस्पताल परिसर के निरीक्षण और अस्पताल प्रबंधन से बातचीत में कई गंभीर कमियां सामने आईं। परिसर में जगह-जगह कूड़ा-कचरा और गंदगी पसरी मिली। इससे दुर्गंध के साथ संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है। सबसे बड़ी समस्या शौचालय की है। DMFT से बने नए सामुदायिक शौचालय पर ताला लगा है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार भवन का अब तक हैंड ओवर नहीं हुआ है। ऐसे में मरीजों और परिजनों को शौच के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
खराब एक्स-रे मशीन, बाहर जांच की मजबूरी।
अस्पताल में एक्स-रे मशीन उपलब्ध है, लेकिन खराब होने के कारण मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि मशीन पुरानी है और मरम्मत के बाद दोबारा खराब हो गई। मरीजों को निजी केंद्रों में एक्स-रे कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
जरूरी दवाएं नहीं, पीने के पानी की भी कमी।
अस्पताल में सभी जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को कुछ दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। बातचीत में दस्त जैसी सामान्य बीमारी की दवा को लेकर भी समस्या सामने आई। अस्पताल में पानी की व्यवस्था होने के बावजूद मरीजों और परिजनों के लिए साफ पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है।
बाउंड्री के पास मेडिकल कचरा, सफाई व्यवस्था सवालों में।
अस्पताल परिसर और बाउंड्री के आसपास इस्तेमाल किए गए कपड़े व अन्य कचरा पड़े होने की बात भी सामने आई। ब्लड टेस्ट की सुविधा होने के बावजूद नियमित जांच नहीं होने की शिकायत है। स्थानीय लोगों ने मामूली चोट के मरीजों को भी बाहर रेफर किए जाने का आरोप लगाया है।
प्रभारी ने माना—कचरा और एक्स-रे मशीन की समस्या है
अस्पताल प्रभारी डॉ. सुनील कुमार किस्कू से फोन पर बात करने पर उन्होंने बताया कि वे फिलहाल छुट्टी पर हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कचरे की समस्या पहले से है। शौचालय का हैंडओवर नहीं होने के कारण वह बंद है। उन्होंने एक्स-रे मशीन खराब होने और सभी प्रकार की दवाएं उपलब्ध नहीं होने की बात भी स्वीकार की। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से CHC की सफाई, पेयजल, शौचालय, दवा और जांच व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है।





