150वें वर्ष के उपलक्ष्य में विद्या भारती के ‘नमामि भारत’ अभियान के तहत स्कूलों, मंदिरों व सार्वजनिक स्थलों पर हुए सामूहिक आयोजन
पाकुड़। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में शुक्रवार को विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के आह्वान पर जिलेभर में ‘नमामि भारत वंदे मातरम्’ अभियान के तहत सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किए गए। पाकुड़, लिट्टीपाड़ा, हिरणपुर और पाकुड़िया प्रखंड समेत विभिन्न केंद्रों पर विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने एक स्वर में ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया। पाकुड़ में सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बलिहारपुर समेत विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में भारत माता एवं महापुरुषों के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत हुई। प्रधानाचार्या हेमा कुमारी के नेतृत्व में आचार्यों और विद्यार्थियों ने आयोजन की व्यवस्था संभाली। संदीप कुमार झा, शीतल कुमारी, बहन पूर्वी, राजीव मंडल, तारक ठाकुर, राजेश कुमार महतो, संजय टेकरीवाल, मृत्युंजय घोष, राजू तिवारी, शुभम गुप्ता, शशांक पांडे समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
लिट्टीपाड़ा में स्टेडियम में जुटे हजारों विद्यार्थी।
विजय मांझी मरांडी स्टेडियम में हजारों छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत गाया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य बिमल महतो, सचिव गणेश ठाकुर, कोषाध्यक्ष अंजन मंडल, पुलिस अवर निरीक्षक सोनालाल पहाड़िया, हाईस्कूल प्रधानाध्यापक फ्रैंक मुर्मू व वरिष्ठ आचार्यों ने दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण कर किया। इस दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उनके जीवन और विचारों की जानकारी भी दी गई।
हिरणपुर में अभिभावकों ने भी लिया हिस्सा।
सरस्वती शिशु मंदिर हिरणपुर में बच्चों के साथ बड़ी संख्या में अभिभावक शामिल हुए। चिकित्सा प्रभारी डॉ. सुनील कुमार सिंह और प्रधानाचार्य बापिन दास ने ‘वंदे मातरम्’ के माध्यम से देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रभावना के महत्व पर प्रकाश डाला। विद्यालय समिति अध्यक्ष बादल बर्धन, सचिव कैलाश सिंह, संरक्षक श्यामचांद रक्षित समेत शिक्षक उपस्थित रहे।
पाकुड़िया के छह केंद्रों पर सामूहिक गायन।
पाकुड़िया प्रखंड में सरस्वती शिशु मंदिर, मोंगलाबांध दुर्गा मंदिर, तलवा वनवासी कल्याण आश्रम, चौकिशाल शिव मंदिर, नवाडीह शिव मंदिर और बन्नोग्राम दुर्गा मंदिर समेत छह केंद्रों पर कार्यक्रम हुआ। मोंगलाबांध दुर्गा मंदिर में 200 से अधिक ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने सामूहिक गायन में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से परिसर गूंज उठा। आयोजकों ने कहा कि अभियान का उद्देश्य नई पीढ़ी को राष्ट्रगीत के ऐतिहासिक महत्व, स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका तथा मातृभूमि के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय चेतना से जोड़ना है। सामूहिक गायन के साथ कार्यक्रमों का समापन राष्ट्रभावना के संकल्प के साथ हुआ।











