अमीरजोला में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, सुरक्षित ड्राइविंग के साथ कोयला धूल से बचाव के बताए गए उपाय।
अमर भगत
अमरापाड़ा /पाकुड़/ सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से डीबीएल (DBL) की ओर से शनिवार को अमीरजोला स्थित कार्यालय परिसर के वर्कशॉप में सड़क सुरक्षा एवं सुरक्षित परिवहन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत आयोजित कार्यक्रम में ट्रांसपोर्टरों, वाहन चालकों और ट्रांसपोर्ट यूनियन के सदस्यों को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सीएसआर मैनेजर उमेश कुमार ने किया, जबकि एजीएम लायजन संजीव कुमार सिंह का संरक्षण रहा। इस दौरान उन्होंने चालकों और ट्रांसपोर्टरों से सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा किसी भी परिस्थिति में सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं करने की अपील की। सीएसआर मैनेजर उमेश कुमार ने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए चालकों को नियमित प्रशिक्षण देने और वाहनों में आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। वहीं, ट्रांसपोर्ट यूनियन अध्यक्ष संतोष रजक ने प्रबंधन की पहल का समर्थन करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने घोषणा की कि वाहनों में सुरक्षा सुविधाएं बढ़ाने के साथ नशे में वाहन चलाने पर रोक लगाने के लिए खदान से साइडिंग के बीच तीन से चार प्रमुख स्थानों पर ब्रेथ एनालाइजर लगाए जाएंगे। इससे चालकों की नियमित अल्कोहल जांच सुनिश्चित की जा सकेगी।
कार्यक्रम में डॉ. शमीम अख्तर और डॉ. संगम मिश्रा ने कोयले की धूल से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी नुकसान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोयला धूल के संपर्क में रहने से सांस संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। चिकित्सकों ने इसके लक्षण, बचाव के उपाय और आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए मास्क के इस्तेमाल तथा स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। मौके पर एचआर विभाग के रविंदर यादव, नृपेंद्र सिंह, ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष संतोष रजक सहित यूनियन के सदस्य, ट्रांसपोर्टर और बड़ी संख्या में वाहन चालक उपस्थित थे। कार्यक्रम का उद्देश्य सुरक्षित परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना और शून्य दुर्घटना के लक्ष्य की दिशा में सामूहिक जिम्मेदारी सुनिश्चित करना रहा।







