तेजस कार्यशाला में युवाओं को स्टार्टअप, फंडिंग, मेंटरशिप और बाजार से जुड़ने के बताए तरीके; पाकुड़ में अभी 7 स्टार्टअप पंजीकृत।
पाकुड़। स्थानीय समस्याओं को पहचानिए, उनका व्यावहारिक समाधान तलाशिए और उसी विचार को कारोबार का रूप दीजिए। जरूरी नहीं कि स्टार्टअप शुरू करने के लिए बड़ा निवेश हो। छोटे आइडिया से भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। यह संदेश उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने सोमवार को रविंद्र भवन टाउन हॉल में आयोजित तेजस जिला स्तरीय कार्यशाला में युवाओं को दिया। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), स्टार्टअप इंडिया, झारखंड सरकार और JIIDCO के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने से लेकर उसे बाजार तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने नवाचार, बिजनेस मॉडल, मेंटरशिप, इन्क्यूबेशन, वित्तीय सहयोग और सरकारी योजनाओं के बारे में भी बताया।
पाकुड़ में 7 स्टार्टअप, 5 के प्रतिनिधि पहुंचे
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि पाकुड़ में भारत सरकार के पोर्टल पर अभी 7 स्टार्टअप पंजीकृत हैं। इनमें से 5 स्टार्टअप के प्रतिनिधियों ने कार्यशाला में भाग लिया। उन्होंने बताया कि देश के 132 जिलों में आयोजित होने वाली स्टार्टअप इंडिया कार्यशालाओं में पाकुड़ का चयन जिले के लिए उपलब्धि है। PMEGP, PMFME और RAMP जैसी योजनाओं के माध्यम से भी युवाओं और सूक्ष्म-लघु उद्यमों को सहयोग दिया जा रहा है।
कृषि से सोलर तक, कई क्षेत्रों में अवसर
डीसी मेघा भारद्वाज ने कहा कि पाकुड़ में स्टार्टअप के लिए संभावनाओं की कमी नहीं है। कृषि और खाद्य उत्पादों के प्रसंस्करण व बेहतर बाजार से जोड़ने के साथ सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी नए अवसर हैं। उन्होंने बताया कि सोलर पैनल के बढ़ते उपयोग को देखते हुए उनके रिपेयर और मेंटेनेंस से संबंधित प्रशिक्षण की योजना बनाई जा रही है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, तकनीकी ज्ञान और डिजिटल माध्यमों से मिली जानकारी का सकारात्मक इस्तेमाल करने की अपील की। कहा कि एक छोटी समस्या से निकला विचार भी आगे चलकर सफल स्टार्टअप बन सकता है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि पाकुड़ में वर्तमान स्टार्टअप की संख्या को बढ़ाकर कम से कम 20 तक पहुंचाया जाए।
छात्रों और महिला उद्यमियों ने भी समझे अवसर
कार्यशाला में आईटीआई, पॉलिटेक्निक और महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं के अलावा महिला प्रतिभागी, उद्यमी, नवोन्मेषक, कारीगर और उभरते उद्यमी शामिल हुए। DPIIT की टीम ने वर्चुअल माध्यम से स्टार्टअप इंडिया के तहत मिलने वाली सुविधाओं और केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। एमएसएमई धनबाद के सहायक निदेशक दीपक कुमार, JIIDCO के प्रतिनिधि अनमोल कुमार सहित अन्य विशेषज्ञों ने भी मार्गदर्शन किया। मौके पर जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, डीआईओ, आरसेटी निदेशक, डीडीएम नाबार्ड, ईओडीबी प्रबंधक समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।








