स्कूल वाहनों में खामी मिली तो एक सप्ताह में सुधार के निर्देश, विद्यार्थियों को हेलमेट-सीट बेल्ट से लेकर सुरक्षित ड्राइविंग तक की दी जानकारी।
पाकुड़। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने बुधवार को सेंट जोसेफ पब्लिक स्कूल में जागरूकता अभियान चलाया। विभागीय टीम ने जहां स्कूल वाहनों की भौतिक जांच कर सुरक्षा मानकों की पड़ताल की, वहीं करीब 500 से 600 विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी दी।
कार्यशाला में बच्चों को हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल, नियंत्रित गति, यातायात संकेतों का पालन, वैध लाइसेंस व वाहन दस्तावेज रखने की जानकारी दी गई। नशे में वाहन चलाने और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत भी दी गई।
बारिश और रात में वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता
विद्यार्थियों को बारिश, जलजमाव, फिसलन और कम दृश्यता के दौरान सुरक्षित ड्राइविंग के तरीके बताए गए। सुरक्षित दूरी बनाए रखने और अचानक ब्रेक लगाने से बचने पर भी जोर दिया गया। दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए संचालित राह-वीर योजना, कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम और हिट एंड रन स्कीम की जानकारी भी दी गई।
स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों की जांच
निरीक्षण के दौरान स्कूल वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्था देखी गई। विद्यालय प्रबंधन को परिवहन विभाग एवं सर्वोच्च न्यायालय के निर्धारित सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन करने का निर्देश दिया गया। किसी वाहन में कमी मिलने पर उसे एक सप्ताह के भीतर दुरुस्त करने को कहा गया। कार्यशाला में IRAD और eDAR के जरिए सड़क दुर्घटनाओं के डाटा संग्रह एवं विश्लेषण की जानकारी भी दी गई। तकनीकी विद्यार्थियों से सड़क सुरक्षा के लिए नए तकनीकी समाधान और नवाचार विकसित करने का आह्वान किया गया। अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। प्रत्येक नागरिक को यातायात नियमों का पालन करते हुए अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करना होगा। कार्यक्रम में मोटरयान निरीक्षक अमित कुमार, जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक रितेश कुमार सिंह, रोड इंजीनियर एनालिस्ट मोहम्मद अजहद अंसारी, अमित कुमार राम, विद्यालय की प्राचार्या, शिक्षकगण एवं अन्य विभागीय कर्मी मौजूद रहे।








