सब-स्टेशन से 50 किलोवाट सोलर प्लांट तक का किया भ्रमण, ट्रांसफॉर्मर और ग्रिड सप्लाई की ली व्यावहारिक जानकारी।
पाकुड़। बिजली उत्पादन से लेकर घर और संस्थान तक उसके पहुंचने की प्रक्रिया अब तक किताबों में पढ़ने वाले पाकुड़ पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों ने मंगलवार को इसे करीब से देखा और समझा। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों ने संस्थान परिसर स्थित विद्युत सब-स्टेशन और 50 किलोवाट हाइब्रिड सोलर पावर प्लांट का शैक्षणिक भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने ट्रांसफॉर्मर, इलेक्ट्रिकल पैनल, स्विचिंग व प्रोटेक्शन उपकरण, मापन यंत्र और विद्युत वितरण प्रणाली को नजदीक से देखा। उन्हें बताया गया कि ग्रिड से आने वाली बिजली ट्रांसफॉर्मर और विभिन्न उपकरणों से गुजरते हुए कैंपस के अलग-अलग विद्युत भार तक कैसे पहुंचती है।
ग्रिड से सोलर तक समझी बिजली की व्यवस्था
विद्यार्थियों ने कैंपस में बिजली आपूर्ति के लिए इस्तेमाल होने वाले ग्रिड सप्लाई, डीजी बैकअप और सौर ऊर्जा के बारे में भी जानकारी ली। अधिकारियों और विभागीय शिक्षकों ने उन्हें समझाया कि अलग-अलग स्रोत मिलकर संस्थान में बिजली की विश्वसनीय आपूर्ति बनाए रखने में कैसे मदद करते हैं।
सोलर पैनल देखकर समझा ऊर्जा उत्पादन
50 किलोवाट हाइब्रिड सोलर पावर प्लांट विद्यार्थियों के लिए सबसे खास रहा। छात्रों ने रूफटॉप सोलर पैनलों का अवलोकन किया और सूर्य की रोशनी से बिजली बनने से लेकर उसके उपयोग और ग्रिड से जुड़ने तक की प्रक्रिया समझी। उन्होंने PCU, कंट्रोल पैनल, बैटरी बैंक और विद्युत वितरण प्रणाली की कार्यप्रणाली भी जानी। विद्यार्थियों को बाय-डायरेक्शनल एनर्जी मीटर की जानकारी देते हुए बताया गया कि यह ग्रिड से ली गई बिजली और सोलर प्लांट से ग्रिड को भेजी गई बिजली, दोनों का रिकॉर्ड रखता है। छात्रों ने मौके पर दो-तरफा विद्युत प्रवाह की इस व्यवस्था को समझा।
कक्षा की पढ़ाई का मिला वास्तविक अनुभव
शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को Power System, Basic Electrical Engineering और Renewable Energy से जुड़े विषयों को वास्तविक उपकरणों के माध्यम से समझने का अवसर मिला। विभागाध्यक्ष आशीष कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित भ्रमण में लेक्चरर प्रणव कुमार डे और प्रीति कुमारी ने फैकल्टी कोऑर्डिनेटर के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
इस दौरान विद्यार्थियों ने विद्युत उत्पादन, ट्रांसफॉर्मेशन, प्रोटेक्शन, वितरण, ऊर्जा मापन और सौर ऊर्जा के ग्रिड एकीकरण की प्रक्रिया को करीब से जाना। विभाग की इस पहल से विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ व्यावहारिक अनुभव भी मिला।







