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October 11, 2026 9:56 pm

ढोल-नगाड़ों की गूंज और जयकारों के बीच निकली कलश यात्रा, भक्तिमय हुआ माहौल

पाकुड़,तारापुर और हिरणपुर में नवरात्र का उल्लास; आदिवासी दशांय-दोन नृत्य ने मोहा मन, महाकाल शक्तिपीठ में 1995 से निभाई जा रही परंपरा।

पाकुड़/हिरणपुर। शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को जिले में मां दुर्गा की आराधना के साथ आस्था और उत्साह का माहौल दिखा। तारापुर, हिरणपुर और पाकुड़ के तलवाडांगा स्थित महाकाल शक्तिपीठ में बाजे-गाजे और जयकारों के बीच भव्य कलश यात्राएं निकाली गईं। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से कलश स्थापना कर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। तारापुर में आदिवासी ढोल, पारंपरिक दशांय-दोन बाजा और मनमोहक नृत्य आकर्षण का केंद्र रहे। धार्मिक उत्साह के बीच स्थानीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। आयोजनों के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस-प्रशासन की टीम तैनात रही।

तारापुर में पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज से गूंजा क्षेत्र

हिरणपुर थाना क्षेत्र के तारापुर गांव में श्री श्री 108 सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति, तारापुर-गोविंदपुर की ओर से भव्य कलश एवं शोभायात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। गाजे-बाजे के साथ निकली यात्रा गोविंदपुर होते हुए सूखा पोखर तक पहुंची। इस दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा के जयकारे लगाते रहे। आदिवासी दशांय-दोन दल ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। पूजा-अर्चना के साथ क्षेत्र में दुर्गोत्सव की शुरुआत हुई।
कार्यक्रम में एसडीपीओ कुमार गौरव, बीडीओ दिलीप टुडू, अंचलाधिकारी मनोज कुमार और थाना प्रभारी रंजन कुमार सिंह सहित पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। समिति के अध्यक्ष नंदकिशोर मंडल, उपाध्यक्ष चंद्रयान केतु प्रकाश, सचिव कृष्णा पंडित और कोषाध्यक्ष भानुप्रताप साहा सहित अन्य सदस्यों ने आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई।
समिति के अनुसार, 11 से 17 अक्टूबर तक भागवत कथा का आयोजन होगा। वृंदावन से आए गौतम आनंद जी महाराज कथा सुनाएंगे। 22 अक्टूबर को सांस्कृतिक कार्यक्रम और 23 अक्टूबर को प्रतिमा विसर्जन किया जाएगा।

हिरणपुर में नगर परिक्रमा, पूजा पंडाल में उमड़े श्रद्धालु

हिरणपुर बाजार स्थित दामिन डाक बंगला के पास सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से भी भव्य कलश यात्रा निकाली गई। बाजे-गाजे के साथ श्रद्धालुओं ने नगर परिक्रमा की। पूरे मार्ग में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल तैनात रहा। समिति के अनुसार, दुर्गोत्सव के तहत 17, 18 और 19 अक्टूबर को डांडिया, 23 अक्टूबर को सांस्कृतिक कार्यक्रम और 24 अक्टूबर को प्रतिमा विसर्जन किया जाएगा।

महाकाल शक्तिपीठ में 1995 से जारी है कलश यात्रा की परंपरा

पाकुड़ के तलवाडांगा स्थित महाकाल शक्तिपीठ मंदिर में भी नवरात्र के पहले दिन सुबह 7:30 बजे भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा मुख्य सड़क से होते हुए कालीभषान पोखर पहुंची, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कलश में जल भरा गया। इसके बाद श्रद्धालु शिवपुरी कॉलोनी स्थित मंदिर पहुंचे, जहां कलश स्थापना, पूजन और प्रसाद वितरण हुआ।
महाकाल शक्तिपीठ के संस्थापक सिद्धार्थ परमहंस जी महाराज हैं। यहां सहस्रभुजी मां दुर्गा की प्रतिमा और विशाल शिवलिंग की पूजा के साथ शिव-शक्ति की आराधना की जाती है। मंदिर में वर्ष 1995 से कलश यात्रा निकालने की परंपरा जारी है। नवरात्र शुरू होते ही मां के दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं। बंगाल और बिहार सहित विभिन्न राज्यों से भी भक्त यहां आते हैं।
मंदिर के संरक्षक अनुग्रहित प्रसाद साह, अध्यक्ष योगेंद्र ठाकुर, पुरोहित अश्विनी झा, मनोज कुमार झा, श्याम झा, आस्तिक रक्षित, नीपु सरदार, संजीव कुमार झा, अविनाश कुमार झा, अवधेश सिंह, सोमेश्वर चौबे, कृष्णकांत सिंह, बंटी यादव, सुनील घोष और गोलू सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी नवरात्र महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।

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