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May 19, 2026 9:25 am

बंसलाई नदी का सीना चीर बालू का किया जा रहा उत्खनन

पश्चिम बंगाल के माफियाओ के द्वारा बालू उठाव जोरो पर,मुराराई थाना पुलिस भी है बालू के खेल में सम्मिलित

बाहरी आदमी को संरक्षण दे रहे स्थानीय राजनीतिक से जुड़े लोग, प्रखंड का भी है खुल कर साथ

बालू के अवैध उठाव के कारण बांसलोई नदी अपना अस्तित्व खोने के है कगार पर

पाकुड़ जिले के महेशपुर प्रखंड अंतर्गत जयपुर पंचायत के कार्तिकपाड़ा मै
दान में सटे बंसलाई नदी किनारे से इन दिनों अवैध बालू खनन और उठाव करने का मामला प्रकाश में आया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शाम होते ही कार्तिकपाड़ा गांव के नदी किनारे से ट्रैक्टर की आवाजाही से रात भर नदी किनारे और आसपास माफियाओं के जमघट लगा हुआ है। उक्त नदी किनारे के कार्तिकपाड़ा गांव को छोड़ कर आसपास पश्चिम बंगाल सीमा से घिरा हुआ है जबकि चारो ओर बंगाल सीमावर्ती होने के कारण बिना किसी परेशानी के बड़े आराम से पश्चिम बंगाल के माफियाओं के द्वारा बालू लोडेड ट्रैक्टर बंगाल की सीमा में प्रवेश कर जाता है। वही बालू की गुणवत्ता बढ़िया होने से बालू माफिया अच्छे कीमतों में बेचकर इन दिनों मोटी कमाई कर रहे है । विगत एक माह से प्रतिदिन दर्जनों ट्रैक्टर के सहारे बालू ढुलाई का काम जारी है। किनारे पर बालू लोड करने के लिए लोकल मजदूर के साथ मजदूरी दर ज्यादा देकर काम किया जा रहा है । मौके पर कई ग्रामीणों ने नाम नही छपने के शर्त पर जानकारी देते हुए बताया की कई दिनों से नदी किनारे में रात के अंधेरे में ट्रैक्टर द्वारा बालू उठाव किया जा रहा है । जिससे गांव का एक मात्र मैदान जमीन डोज होने का आशंका है । जबकि मामले की सूचना प्रशासन को कई बार बंगाल एवं कार्तिकपाड़ा के ग्रामीणों ने कॉल कर मौखिक रूप से दिया जा चुका है। इसके वावजूद प्रशासन के द्वारा लिखित आवेदन मांगा जा रहा है । हम सभी माफियाओं की डर से लिखित शिकायत नही कर पा रहे है ।
मामले को लेकर उचित करवाई करने की आवश्यकता है ।
क्या कहते है अंचल अधिकारी अंचल अधिकारी रीतेश जयसवाल ने बताया की मामले की जानकारी प्राप्त हुए है ।जांच कर आवश्यक करवाई की जाएगी

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