बैठक में विस्थापन व पुनर्वास सहित बेरोजगारी के मुद्दे पर भी हुई चर्चा
पाकुड़। मंगलवार को अमड़ापाड़ा के स्थानीय प्रकृति विहार में राष्ट्रीय जनता दल ने एक बैठक हुई। जिसमें सांगठनिक विस्तार व स्थानीय जनसमस्याओं के परिप्रेक्ष्य रूप में चर्चा किया गया। इस बैठक में कार्यकर्ता के अलावे राजद से आस्था रखने वाले नागरिक, स्थानीय समाजसेवी, मुखिया एवं कई बुद्धिजीवी मौजूद हुए। राजद पार्टी के जिलाध्यक्ष महावीर कुमार मड़ैया ने सबों के बीच पार्टी के नीति व उद्देश्य को फोकस करते हुए कहा कि प्रखंड में रोजगार, विस्थापन एवं पुनर्वास, बेहतर शिक्षा व चिकित्सा, शुद्ध पेयजल की अनुपलब्धता आदि सहित प्रकृति विहार को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने जैसी चिरलंबित बुनियादी समस्याएं और जनाकांक्षाएं हैं। इस दिशा में न तो हमारे जनप्रतिनिधि गंभीर हैं और न ही शासन – प्रशासन। प्रखंड में कोयला खनन क्षेत्र में संचालित डीबीएल व बीजीआर जैसी दो कोल कंपनियां भी हैं। क्षेत्र भ्रमण के दौरान विस्थापितों और प्रभावितों का दर्द देखने को मिला। वो शोषित और उपेक्षित हैं । बेरोजगार युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। कोल कंपनियां रोजाना यहां से करोड़ों का कोयला निकाल रही हैं। लोग प्रदूषण की चपेट में हैं। कहीं माइनिंग सैफ्टी नाम की कोई चीज नहीं है। विस्थापित अपनी जमीन खोकर भी अपने वाजिब अधिकारों से वंचित हैं। प्रखंड मुख्यालय में पांच करोड़ की ग्रामीण जलापूर्ति योजना भी ठप पड़ी हुई हैं। माइनिंग कंपनी किसी भी प्रकार की मौलिक सुविधाओं से जनता को वंचित रखी हुई है। ऐसा नहीं चलेगा स्थानीय को रोजगार देना होगा। जिलाध्यक्ष ने कहा 12 फरवरी को रांची में आयोजित पार्टी के महासभा में इन सभी मुद्दों को रखूंगा । यहां के लोगों को यह भरोसा दिलाता हूँ कि उन्हें उनका वाजिब हक दिलाकर ही दम लूंगा। जिलाध्यक्ष ने जन समस्याओं के साथ – साथ पार्टी के प्रति जन आस्थाओं को भी टटोला। उन्होंने अधिकाधिक लोगों से पार्टी का दामन थामने की अपील भी किया। वही राजद पार्टी के जिला अध्यक्ष ने कहा कि आने वाले समय में राजद क्षेत्र की बड़ी पार्टी होगी। वहीं पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष श्रवण भगत, सामाजिक कार्यकर्ता नरेशकान्त साह, प्रबुद्ध निताय चंद्र पाल, बैद्यनाथ पाल, मुखिया गयालाल देहरी आदि ने भी बैठक में अपने विचारों को रखा। कहा कि संसाधनों की समृद्धि के बावजूद लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। यहां का कोयला पंजाब और बंगाल जा रहा है। स्थानीय लोग कोयला चुनने को विवश हैं। पुलिस बेरोजगार कोयला चुनने वालों को कोयला चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज देती है। जनता के रहनुमाओं को गरीबों की समस्याओं से कोई वास्ता है ही नहीं। ऐसे में सबों को संगठित होकर जनता की तकलीफों के निदान के लिए आना होगा। एक मजबूत विकल्प चुनना होगा। भ्रष्टाचारियों को पहचानना होगा। तभी हम सुरक्षा और सम्मान का जीवन बसर कर सकते हैं । बैठक के दौरान मुखिया गयालाल देहरी, विवेक मालतो, सचिन मरांडी , अरुण पाल, धीरेन मड़ैया, मेघना साह, मनोज मड़ैया आदि शामिल थे ।





