राजकुमार भगत
पाकुड़। लोक आस्था का महापर्व चैती छठ (द्वितीय) पूरे जिला भर में आस्था और भक्ति भाव के साथ संपन्न होने के समाचार हैं। सोमवार को छठ व्रतियों द्वारा अस्ताचलगामी सूर्य को एवं मंगलवार को छठ व्रतियों द्वारा उदयीमान सूर्य को अर्ध देकर भगवान भास्कर की विधि पूर्वक पूजन किया । इसी के साथ ही पिछले 4 दिनों से चला आ रहा है चैती छठ पारण के साथ समाप्त हुआ। शुद्धता का महापर्व छठ शहर के काली भाषण, शिव शीतला मंदिर, नल पोखर के साथ-साथ कुछ भक्तजन अपने घर के समीप तलाब में छठ पर्व को संपन्न किया । शहर के तीनबंगला में छठ घाट पर भक्तजनों की काफी भीड़ देखी गई। वही जिले के अमरापड़ा दुर्गा मंदिर छठ घाट एवं डूमरचीर मे नदी के तीरे, महेशपुर हिरणपुर पाकुरिया आदि के कई क्षेत्रों में भी चैती छठ संपन्न होने के समाचार हैं। मान्यता है सुखी और दीर्घायु जीवन संतान आदि की कामना से बड़ी शुद्धता से भगवान भास्कर की पूजा करते हैं इसके पीछे कई पौराणिक कथाएं प्रचलित है।क्षेत्रों में भी चैती छठ संपन्न होने के समाचार हैं। मान्यता है सुखी और दीर्घायु जीवन संतान आदि की कामना से बड़ी शुद्धता से भगवान भास्कर की पूजा करते हैं इसके पीछे कई पौराणिक कथाएं प्रचलित है।







