अनुशासन की कमी जाम की मुख्य वजह
राजकुमार भगत पाकुड़।
पाकुड़। जब हम प्रयास नहीं करेंगे तो पाकुड को कभी भी जाम से निजात नहीं मिलेगा?कहते हैं चाहने से बहुत कुछ होता है और नहीं चाहने से भी काम जैसे तैसे निकल ही जाता है। शायद यही कारण है की पाकुर को आज तक जाम से मुक्ति नहीं मिली है। बात साफ है बिना ठोस रणनीति के कभी भी जनता को जाम से मुक्ति नहीं मिलेगी। इसके लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाना पड़ेगा। जिला प्रशासन की ओर से जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए हाल ही में रोड साइड से कई अवैध कब्जे वाले जमीन को खाली कराया गया। किंतु समस्या में कोई विशेष फर्क नहीं हुआ। जाम की समस्या से निजात के लिए कई संस्थाओं ने प्रशासन के पास पत्र लिखकर अवगत कराते रहे है। बुधवार को भी लोगों को जाम से दो-चार होना पड़ा और इसमें एक एंबुलेंस फस गया ।नो एंट्री में भी ट्रैक्टरों का परिचालन होना समझ से परे है। जाम की समस्या सबसे अधिक रेलवे फाटक के पास बनी रहती है ।जिसमें आज एक एंबुलेंस भी इस जाम का शिकार हो गया। जाम का मुख्य कारण ट्रैक्टर का परिचालन होना था। हालांकि पाकुर में जाम बहुत ही सीमित समय के लिए होता है। पाकुड़ में कई स्थानों पर रोड की चौड़ाई कम है। बाबजूद लोग सड़कों पर अपनी मोटरसाइकिल खड़ा कर देते हैं। टोटो और ऑटो की बात किसी से छुपी नहीं है। जाम की एक समस्या मोटरसाइकिल भी है। इनको इतनी जल्दी रहती है तुरंत लाइन तोड़कर आगे निकल भागते हैं विपरीत दिशा से आ रही ट्रकों के सामने फिर कोई विकल्प नहीं बचता। फिर वह ट्रक के आगे खड़ा करके जाम लगा देते हैं ।बाद में खाली होने पर वह बाई की रास्ता धरते हैं। हमें जो कुछ भी लगा ऐसा प्रतीत होता है जाम समस्या की मुख्य वजह अनुशासन है। अनुशासन एवं नियम को फॉलो नहीं करने से जाम की समस्या बनी रहती है। ट्रैफिक पुलिस को इस मामले में सख्ती बरतनी होगी। स्थान विशेष पर ट्रैफिक पुलिस बढ़ानी होगी। खासकर रेलवे फाटक के निकट। दूसरी समस्या अटल चौक के आसपास की है। यहां पर लोग रास्ते में ही अपनी मोटरसाइकिल लगा कर चाय की चुस्की लेते हैं और यदि गाड़ी विशेष लोगों की हो तो फिर किसकी क्या मजाल।








