धीरेन साहा
नए स्कूल भवन में बच्चों को मिलेंगी सारी सुविधा।
पाकुड़िया प्रखंड के सुदूरवर्ती प्राथमिक विद्यालय मड़गांव के बच्चे भय की साए इन दिनों पठन पाठन का कार्य कर रहे हैं इसको लेकर आपके लोकप्रिय दैनिक अखबार झारखंड की हकीकत में 3 अप्रैल को प्रमुखता से छापने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज कुमार ने जांच टीम का गठन कर विद्यालय का वस्तु स्थिति का जांच कराया। तथा जांच कराकर इसकी रिपोर्ट उपायुक्त एवं जिला शिक्षा अधीक्षक पाकुड़ को भेज दी गई है। क्या था मामला 3 अप्रैल को झारखंड की हकीकत में विद्यालय की स्थिति इतनी ही जर्जर है कि विद्यालय का छत कब बच्चो एवं शिक्षको के ऊपर टूट कर गिर जाय और बड़ी दुर्घटना घट जाय कहना मुश्किल है।विद्यालय लगभग 40 वर्ष पुराना पुराना हो चुका है और अत्यधिक जर्जर हालत में है। विद्यालय में शौचालय भी टूटा फूटा पड़ा हुआ है। विद्यालय भवन में दो कमरो एवं एक बरामदा है।विद्यालय भवन में दीवाल पर चारों तरफ दरार दिखाई पड़ रहा है एवं छत की पपड़ी अपने आप गिरते रहता है। खिड़की दरवाजा सभी टूटा फूटा है। बारिश होने पर छत का पानी क्लास रूम में गिरता है। ग्रामीण भय के माहौल में अपने बच्चों को पठन-पाठन हेतु विद्यालय भेज रहे हैं।विद्यालय में 105 बच्चे नामांकित है और बच्चे को बैठने के लिए सुरक्षित जगह नही है।पठन-पाठन हेतु प्रभारी प्रधानाध्यापक के द्वारा बच्चों को बरामदे में ही पढ़ाया जाता है। बच्चों को पढ़ाने हेतु कोई वैकल्पिक व्यवस्था जल्द से जल्द होनी चाहिए। सूत्र से जानकारी के अनुसार जो खबर झारखंड की हकीकत में दिखाई गई थी उससे कहीं ज्यादा जांच टीम द्वारा जांच में पाया है।इस संबंध में बीडीओ मनोज कुमार ने बताया कि विद्यालय प्रबंधन समिति के द्वारा लागडुम पंचायत अंतर्गत मडगांव प्राथमिक विद्यालय की स्थिति जर्जरता को लेकर सूचना प्राप्त हुई थी , इसकी जांच कराया गया । जांच कराने के बाद पता चला कि विद्यालय पूरी तरह से जर्जर है । यहां पढ़ने वाले बच्चों का जीवन खतरे से खाली नहीं है। यहां पठन पाठन करने वाले बच्चों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए । संबंधित जांच प्रतिवेदन उपायुक्त एवं जिला शिक्षा अधीक्षक को भेज दी गई है।
बाइट/डीएसई पाकुड़ ने कहा की चार कमरों का नया स्कूल भवन बहुत जल्द बन कर तैयार होकर बच्चों को मिलेगा,नए स्कूल भवन में सारी सुविधा रहेगी,लगभग 45 लाख की राशि से नया स्कूल भवन का निर्माण किया जाना है।








