बजरंग पंडित
पाकुड़िया प्रखंड भर में दुर्गा पूजा को लेकर तैयारी की जा रही है जिसको लेकर प्रखंड भर के दुर्गा पूजा समिति द्वारा पंडाल मां दुर्गा की प्रतिमा सहित तैयारी में जुटे हुए हैं। उधर विभिन्न मंदिरों में मूर्तिकार द्वारा मूर्ति का अंतिम रूप दिया जा रहा है साथ ही पूजा पंडाल की भी तैयारी जोर-जोर से की जा रही है। हिंदू धर्म में मां दुर्गा शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है। अधिकांश लोग व्रत उपवास एवं अनुष्ठान करते हैं। ऐसी मान्यता है कि देवी दुर्गा ने अश्वनी मास में महिषासुर से 9 दिनों तक घोर युद्ध किया था। दसवे दिन उसका वध किया था। इसलिए शक्ति की आराधना देवी मां दुर्गा की 9 दिनों तक पूजा की जाती है। इसे नवरात्रि के नाम से जाना जाता है।यह बुराइयों पर अच्छाइयों का विजय प्रतीक पर्व है।भारतीय पंचांग के अनुसार इस वर्ष अश्वनी मास के शुक्ल पक्ष के प्रतिपदा तिथि से अर्थात आज रविवार से शारदीय नवरात्रि की प्रारंभ होगी । जो 9 दिनों तक चलेगी। इन 9 दिनों में मां दुर्गा शक्ति स्वरूपा की नौ रूपों की पूजा होगी। भक्त माता रानी के लिए व्रत रखते हैं और 9 दिनों तक विधिपूर्वक पूजा अर्चना करते हैं।प्रथम दिवस 15 अक्टूबर को कलश की स्थापना होगी।इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही है।जो बेहद फलदाई है। दुर्गा अष्टमी की तिथि 22 अक्टूबर को हो रही है।महा अष्टमी के दिन ही महागौरी की पूजा होगी। जानकारी के अनुसार जो लोग नवरात्रि का व्रत करते हैं आज से ही कलश स्थापना कर पूजा अर्चना प्रारंभ कर देंगे। प्रखंड क्षेत्र के ज्यादातर मंदिरों में 6 पूजा से पूजा प्रारंभ होती है इसी की तैयारी को लेकर प्रखंड क्षेत्र के पूजा समिति द्वारा तैयारी जोर-जोर से की जा रही है।









